सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर। जिले में कार्यरत डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को लंबे इंतजार के बाद आंशिक राहत मिली है। पिछले 13 महीनों से लंबित सीआरएमसी(छत्तीसगढ़ रूरल मेडिकल कोर) प्रोत्साहन राशि में से जनवरी 2025 से जून 2025 तक की राशि जिला कोषालय एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के माध्यम से जारी कर दी गई है। यह राशि जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों, आरएमए एवं एएनएम के खातों में जमा की गई है।
हालांकि, जून 2025 के बाद के 7 महीनों की सीआरएमसी राशि अब भी लंबित है, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों में असंतोष बना हुआ है। स्वास्थ्यकर्मियों ने स्पष्ट किया कि सीआरएमसी कोई अतिरिक्त लाभ नहीं, बल्कि दुर्गम एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जोखिम भरी परिस्थितियों में दी गई सेवाओं के लिए दिया जाने वाला वैधानिक प्रोत्साहन है।
स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि नारायणपुर जैसे अति-संवेदनशील क्षेत्रों में नक्सली घटनाओं, आपातकालीन ड्यूटी, पोस्टमार्टम, स्वास्थ्य शिविरों एवं दुर्गम इलाकों में निरंतर सेवाएँ देना अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है। इसके बावजूद महीनों तक भुगतान लंबित रहना उनके मनोबल को प्रभावित करता है।
स्वास्थ्यकर्मियों ने राज्य शासन से शेष 7 माह की लंबित सीआरएमसी राशि का शीघ्र भुगतान करने की मांग की है, ताकि उनके परिश्रम, समर्पण एवं जोखिम भरे कार्यों का उचित सम्मान हो सके। उन्होंने सरकार से भविष्य में सीआरएमसी भुगतान को नियमित एवं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने की भी अपील की है।



