सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर | राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों के तहत आत्मसमर्पित माओवादियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार सकारात्मक पहल की जा रही है। इसी कड़ी में पुनर्वास केंद्र नारायणपुर में रह रहे आत्मसमर्पित माओवादियों के सर्वांगीण विकास हेतु शिक्षा, आवश्यक सुविधाएं, रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, ताकि वे शासन की नीतियों को समझते हुए प्रदेश और देश की प्रगति में सहभागी बन सकें।
कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार अब पुनर्वास केंद्र में प्रत्येक बुधवार को प्रोजेक्टर के माध्यम से सामूहिक रूप से देशभक्ति सहित प्रेरणादायी और ज्ञानवर्धक फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य आत्मसमर्पित माओवादियों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करना, सामाजिक जागरूकता बढ़ाना तथा देश-दुनिया की गतिविधियों से उन्हें परिचित कराना है।

इसी क्रम में दिखाई गई फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने उपस्थित आत्मसमर्पित माओवादियों को गहराई से प्रभावित किया। फिल्म देखने के बाद उनमें देशभक्ति का उत्साह स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
आत्मसमर्पित माओवादियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से उन्हें समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की प्रेरणा मिल रही है। वर्षों तक देश-दुनिया से कटे रहने के बाद अब फिल्मों के माध्यम से नई जानकारियां प्राप्त हो रही हैं और सोच का दायरा भी विस्तृत हो रहा है।



