अमित दुबे की रिपोर्ट :-
बिलासपुर | जिले में अवैध नशे के कारोबार और हथियारों की तस्करी पर लगाम कसते हुए बिलासपुर पुलिस ने एक अंतर्राज्य गिरोह का भंडाफोड़ किया है। थाना सिविल लाईन पुलिस की अगुवाई में गठित विशेष टीम ने मिनीबस्ती क्षेत्र में सघन रेड कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाएं और अत्याधुनिक हथियार जप्त किए हैं। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक आरोपी मध्यप्रदेश के भोपाल का निवासी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना सिविल लाईन, थाना तारबाहर एवं पुलिस लाइन से प्राप्त बल की संयुक्त टीम ने मिनीबस्ती क्षेत्र में बदमाशों के ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी।
रेड के दौरान स्वराज कुर्रे (20 वर्ष), निवासी मिनीबस्ती जरहाभाठा, के कब्जे से लगभग 1100 नग प्रतिबंधित नशीली टेबलेट नाइट्राजेपाम, एक ऑटोमेटिक पिस्टल, दो मैग्जीन एवं 20 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। मौके पर ही पुलिस ने विधिवत जप्ती कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट एवं आर्म्स एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की गई।

पूछताछ के दौरान आरोपी स्वराज कुर्रे ने खुलासा किया कि उसे अवैध हथियारों की सप्लाई भोपाल निवासी धीरेन्द्र सिंह तोमर (37 वर्ष) द्वारा की जाती थी। जांच में यह भी सामने आया कि धीरेन्द्र तोमर पूर्व में भी बिलासपुर जिले में पिस्टल सप्लाई करने के मामलों में संलिप्त रहा है और लंबे समय से फरार चल रहा था।
इस महत्वपूर्ण इनपुट के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा तत्काल एक और विशेष टीम गठित कर भोपाल रवाना की गई। स्थानीय सूचना तंत्र की सहायता से पुलिस ने आरोपी धीरेन्द्र सिंह तोमर को एक पिस्टल एवं दो मैग्जीन के साथ गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया है, वहीं धीरेन्द्र सिंह तोमर को पुलिस रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य सप्लायरों और सहयोगियों की पहचान की जा रही है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। आरोपियों द्वारा अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर ली गई है और शीघ्र ही वैधानिक जब्ती की प्रक्रिया शुरू कर आर्थिक प्रहार भी किया जाएगा।
इस पूरे प्रकरण को बिलासपुर पुलिस की एंड-टू-एंड कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे जिले में अवैध नशे और हथियारों के नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ना तय है।



