गणेश भोय ब्यूरो चीफ:-
रायगढ़: जिले में मवेशी तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत लैलूंगा थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। कार्रवाई के दौरान कुख्यात मवेशी तस्कर रब्बुल खान के कब्जे से 32 गौवंश को मुक्त कराते हुए उसे गिरफ्तार किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले भर में गौवंश संरक्षण और अवैध मवेशी परिवहन के विरुद्ध सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 10 फरवरी को लैलूंगा थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम करवारजोर निवासी रब्बुल खान मवेशियों को कथित रूप से क्रूरता पूर्वक उड़ीसा की ओर ले जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। उसके कब्जे से 32 नग गौवंश बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 2 लाख 56 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने मवेशियों को बुचड़खाने ले जाने की बात स्वीकार की है।
मुक्त कराए गए मवेशियों का पशु चिकित्सक से परीक्षण कराकर उन्हें सुरक्षित रूप से सलखिया गौशाला भेज दिया गया है। आरोपी रब्बुल खान (39 वर्ष), निवासी करवारजोर, के विरुद्ध थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 41/2026 के तहत छत्तीसगढ़ पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धाराओं 4, 6, 10 और 11 के अंतर्गत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
गौरतलब है कि सप्ताह के भीतर लैलूंगा पुलिस की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पूर्व 7 फरवरी को भी तीन मवेशी तस्करों से 8 मवेशियों को मुक्त कराया गया था।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गिरधारी साव, प्रधान आरक्षक नंद कुमार पैंकरा, आरक्षक राजू तिग्गा और आरक्षक किशोर कुल्लू की विशेष भूमिका रही।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि जिले में मवेशियों के अवैध परिवहन, तस्करी और क्रूरता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि प्रभावी कार्रवाई की जा सके।



