अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर (जिला बिलासपुर, छत्तीसगढ़)।धार्मिक व पौराणिक नगरी रतनपुर में स्थित प्रसिद्ध मां महामाया मंदिर से जुड़े कल्पेसरा तालाब की ओर से मंदिर जाने वाले आम रास्ते के गेट को बंद किए जाने से श्रद्धालुओं, मोहल्लावासियों और स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
बताया जा रहा है कि कल्पेसरा तालाब की दिशा से मंदिर तक पहुंचने वाला यह मार्ग वर्षों से आमजन के उपयोग में रहा है। इसी मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर दर्शन के लिए पहुंचते थे। गेट बंद कर दिए जाने के बाद लोगों को लंबा चक्कर लगाकर मंदिर पहुंचना पड़ रहा है, जिससे विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानी हो रही है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह रास्ता न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि मोहल्ले की दैनिक आवाजाही का भी प्रमुख मार्ग रहा है। अचानक गेट बंद कर दिए जाने से लोगों में असंतोष बढ़ गया है। व्यापारियों का भी कहना है कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होने से उनके व्यवसाय पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
मामले को लेकर बड़ी संख्या में नागरिकों ने सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त आवेदन तैयार कर जिला कलेक्टर बिलासपुर को सौंपा है। आवेदन में मांग की गई है कि जनसुविधा और धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए गेट को तत्काल खोला जाए तथा भविष्य में बिना सार्वजनिक सूचना और सहमति के ऐसे निर्णय न लिए जाएं।

नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे शांतिपूर्ण आंदोलन का रास्ता अपनाने को विवश होंगे।फिलहाल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। नगरवासियों की निगाहें अब जिला प्रशासन के निर्णय पर टिकी हैं कि आमजन की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए क्या कदम उठाए जाते हैं।



