अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर। साहित्य, इतिहास और प्रकृति संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रतनपुर निवासी प्रख्यात लेखक, इतिहासकार एवं पक्षी विशेषज्ञ बलराम पांडे का सम्मान राष्ट्रीय कवि संगम द्वारा आयोजित एक गरिमामय समारोह में किया गया।
यह सम्मान समारोह राष्ट्रीय कवि संगम के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य अरुण दिवाकर नाथ वाजपेई ने पांडे को सम्मानित किया।
कार्यक्रम में राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय कुमार पाठक, राष्ट्रीय कवि संगम भारत के राष्ट्रीय महामंत्री महेश शर्मा, जिला अध्यक्ष अंजनी कुमार तिवारी तथा जिला महामंत्री बालमुकुंद श्रीवास सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

ज्ञात हो कि बलराम पांडे द्वारा “चतुर यूगी नगरी रतनपुर धाम” तथा छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल रतनपुर पर आधारित महत्वपूर्ण पुस्तक का लेखन किया गया है। इसके अतिरिक्त वे छत्तीसगढ़ में प्रवास करने वाले पक्षियों एवं आसपास पाए जाने वाले पक्षी प्रजातियों पर निरंतर शोध कार्य कर रहे हैं। रतनपुर एवं आसपास के वृक्षों के संरक्षण हेतु उनका विशेष योगदान रहा है।
प्रकृति प्रेम, पुरातत्व, कला एवं सांस्कृतिक परंपरा को जनमानस तक पहुंचाने के उनके सतत प्रयासों को देखते हुए राष्ट्रीय कवि संगम द्वारा यह सम्मान प्रदान किया गया।
श्री पांडे को सम्मानित किए जाने पर नगर के साहित्यकारों एवं बुद्धिजीवियों ने हर्ष व्यक्त किया। इस अवसर पर साहित्यकार रामेश्वर शांडिल्य, दिनेश पांडे, सुखदेव कश्यप, होरीलाल गुप्ता, राजेंद्र मिश्रा, विकल जायसवाल, ओमप्रकाश दुबे, गेंदराम कौशिक, राजेंद्र दुबे, ओमप्रकाश कश्यप, श्रवण विश्वकर्मा सहित अनेक लोगों ने बधाई दी।
रतनपुर नगर के लिए यह सम्मान गौरव का विषय माना जा रहा है।



