अमित दुबे की रिपोर्ट :-
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने शुक्रवार को बिलासपुर रेंज के सभागार में जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक का आयोजन पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर रेंज में किया गया, जिसमें जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, नगर सेना के उप पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी चंद्रा वर्मा, संयुक्त संचालक अभियोजन माखनलाल पाण्डेय, संभागीय सेनानी नगर सेना नरसिंह नेताम, एएसपी ग्रामीण मधुलिका सिंह, एएसपी शहर पंकज पटेल, एएसपी विशेष शाखा दीपमाला कश्यप, जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी दीपांकर नाथ, उप पुलिस अधीक्षक (फिंगरप्रिंट) विद्या जौहर सहित पुलिस एवं अग्निशमन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक की शुरुआत में आईजी गर्ग ने डीजीपी गौतम का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद डीजीपी ने अधिकारियों का परिचय लेने के पश्चात राजकिशोर नगर में सर्राफा व्यवसायी के साथ हुई लूट की घटना की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने 24 घंटे के भीतर आरोपियों को माल मशरूका सहित गिरफ्तार किए जाने और अंतर्राज्यीय समन्वय की सराहना की, साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए।

डीजीपी ने गश्त-पेट्रोलिंग, संदिग्धों की चेकिंग, होटल-लॉज निरीक्षण और आसूचना तंत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। सर्राफा दुकानों और बैंकों की नियमित जांच, सीसीटीवी और अन्य सुरक्षा उपायों की निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने राजपत्रित अधिकारियों को थानों का गुणवत्तापूर्ण पर्यवेक्षण करने, फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनने तथा थाना प्रभारियों द्वारा स्वयं रिपोर्ट सुनकर एफआईआर दर्ज करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। संदिग्ध मर्ग प्रकरणों की सूक्ष्म और गंभीर जांच के भी निर्देश दिए गए।
अभियोजन से संबंधित मामलों में विवेचना की गुणवत्ता सुधारने, आईसीजेएस सिस्टम के तहत ई-चालान और ई-साक्ष्य प्रक्रिया को न्यायालय एवं थानों के समन्वय से प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। बैठक में फायर सेफ्टी और फायर ऑडिट पर भी विस्तार से चर्चा हुई। सिरगिट्टी और मोपका में हुई
आगजनी की घटनाओं के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला प्रशासन के साथ साझा करने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए पूर्व तैयारी की जा सके।
बैठक के अंत में डीजीपी गौतम ने आईजी रामगोपाल गर्ग को रेंज के सभी जिलों में पुलिस कार्यप्रणाली की सतत मॉनिटरिंग करने तथा बैठक में दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
यह बैठक अपराध नियंत्रण, पुलिसिंग सुधार और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।



