लाल लाल यादव की रिपोर्ट:-
बिहारपुर मुख्य बाजार मार्ग पर अतिक्रमण को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन वर्षों से लगातार आवेदन देने के बावजूद न तो अतिक्रमण हटाया गया है और न ही सेटलमेंट रिकॉर्ड के आधार पर सड़क का सीमांकन कराया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, मुख्य सड़क की भूमि पुराना खसरा नंबर 180, रकबा 63 डिसमिल में दर्ज है, जो राजस्व अभिलेखों में सड़क की जमीन के रूप में उल्लेखित बताई जाती है। आरोप है कि इसी भूमि पर गांव के ही कुछ व्यक्तियों—कुंते प्रसाद अग्रहरि, ललन प्रसाद और बिहारी लाल—के नाम पर कथित रूप से अवैध पट्टा जारी कर दिया गया। इसके बाद वहां मकान निर्माण भी कर लिया गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राजस्व विभाग द्वारा अब तक न तो भूमि का सीमांकन किया गया है और न ही निर्माण की वैधता की जांच की गई है। उनका आरोप है कि भूमाफियाओं को शासन-प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण कार्रवाई लंबित है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सेटलमेंट रिकॉर्ड के आधार पर निष्पक्ष जांच कर सीमांकन कराया जाए और यदि सड़क की भूमि पर अवैध कब्जा पाया जाए तो तत्काल अतिक्रमण हटाया जाए।
इस संबंध में संबंधित विभागीय अधिकारियों का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है। प्रशासन की ओर से प्रतिक्रिया मिलने पर समाचार को अद्यतन किया जाएगा।




