अमित दुबे की रिपोर्ट:-
रतनपुर। धार्मिक एवं पौराणिक नगरी रतनपुर में आम नागरिकों और यात्रियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये की लागत से लगाए गए वाटर एटीएम इन दिनों बंद पड़े हुए हैं। मशीनों के लंबे समय से खराब रहने के कारण लोगों को शुद्ध और ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर पालिका द्वारा कुछ वर्ष पूर्व शहर के प्रमुख स्थानों पर दो वाटर एटीएम स्थापित किए गए थे। इनमें एक नया बस स्टैंड परिसर में और दूसरा हाईस्कूल चौक के पास लगाया गया था। इन वाटर एटीएम की खासियत यह थी कि लोग मात्र 1 रुपये में फिल्टर किया हुआ स्वच्छ और ठंडा पेयजल प्राप्त कर सकते थे।
इससे न केवल स्थानीय लोगों को सुविधा मिलती थी, बल्कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को भी राहत मिलती थी। लेकिन पिछले कुछ दिनों से दोनों वाटर एटीएम खराब पड़े हुए हैं। मशीनें बंद होने के कारण लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा नहीं मिल पा रही है। गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ही पानी की आवश्यकता बढ़ गई है, ऐसे में इन मशीनों का बंद होना लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है।

स्थानीय निवासी शाकिर मोहम्मद का कहना है कि पहले यहां से आसानी से शुद्ध और ठंडा पानी मिल जाता था, जिससे राहगीरों और आसपास के दुकानदारों को काफी सुविधा होती थी। लेकिन अब मशीनें बंद होने के कारण लोगों को मजबूरी में बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है या फिर अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
वहीं फल व्यापारी कश्यप ने बताया कि रतनपुर एक प्रसिद्ध धार्मिक नगरी है, जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु और यात्री पहुंचते हैं। ऐसे में सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था बेहद जरूरी है। वाटर एटीएम बंद होने से खासकर बाहर से आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि रतनपुर में स्थित मंदिरों और धार्मिक स्थलों के कारण पूरे वर्ष यहां श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। नगर के प्रमुख स्थानों पर लगाए गए ये वाटर एटीएम लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहे थे, लेकिन लंबे समय से इनके बंद पड़े रहने से नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और यात्रियों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि खराब पड़े वाटर एटीएम को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए, ताकि लोगों को फिर से स्वच्छ और सुलभ पेयजल की सुविधा मिल सके और लाखों रुपये की लागत से लगाए गए ये उपकरण दोबारा जनता के काम आ सके|



