
हरेंद्र विश्वकर्मा
सड़क किनारे के लगे 269 हरे पेड़ को काटने के लिए नेशनल हाईवे द्वारा चिह्नांकित किया गया है, जिसमें 50 वर्ष से अधिक अर्जुन समेत कदम्ब, शीशम व नीम के पेड़ शामिल हैं। बताया जा रहा है कि सड़क किनारे नाली निर्माण के लिए पेड़ काटे जाएंगे।इन पौधों को नगर के पर्यावरण संरक्षण समिति द्वारा तैयार किया गया था,जो लोगों को छाया प्रदान कर रहे थे। किसी भी निर्माण में काटे जाने वाले पेड़ के बदले पौधरोपण का प्रावधान रहता है। लेकिन, इन पेड़ के बदले एक भी पेड़ नहीं लगाए जाएंगे। नेशनल हाईवे के एसडीओ एआर पैगवार ने बताया कि नगर में सड़क निर्माण के लिए 269 पेड़ काटे जाएंगे। इसके बदले पेड़ लगाने का कोई प्रावधान नहीं है। वन विभाग से मांग करने पर बजट दिया जाता है। दूसरी ओर पेड़ काटे जाने की तैयारी को लेकर शहर के लोगों में नाराजगी है। क्योंकि, शहर के कई लोगों व समिति के सदस्यों ने इन पौधों की देखरेख के लिए विशेष ध्यान दिया है।10 गुना पौधारोपण की मांग शहर के लोगों व पर्यावरण संरक्षण समिति ने पेड़ काटने के बदले काटे गए पेड़ों की संख्या के 10 गुना पेड़ लगाने ली मांग की है। पर्यावरण संरक्षण समिति के सदस्य मोहन राजपूत, अनुराग ठाकुर, गोविंद रजक ने पेड़ नहीं लगाने पर पेड़ नहीं काटने देने तथा कोर्ट व एनजीटी में शिकायत करने की बात कही है। जितने पेड़ काटे जाएंगे उसका 10 गुना पौधा लगाने पर पेड़ काटे जाएं अन्यथा एक भी पेड़ काटने नहीं दिया जाएगा। इसे लेकर समिति के सदस्य हमीद खान, विद्या चन्द्राकर, एसएल कुर्रे, राजीव श्रीवास्तव, मोहन ठाकुर, मुकेश कौशिक, गलीराम बंजारे, आशीष मिश्रा समेत सभी सदस्य ने शासन से मांग की है।



