
44 लाख का बरदाना घोटाला दबाने में बैंक–प्रशासन की मिलीभगत, 7 दिन में एफआईआर नहीं तो उग्र आंदोलन – नरेन्द्र नाग
*बीजेपी सरकार इस मामले मे ढील देकर आरोपियों को बचाने का काम ना करे किसानो के साथ करेंगे बडा आंदोलन- परमित दुग्गा जिलाध्यक्ष आम आदमी पार्टी नारायणपुर*
नारायणपुर – जिले की आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में वर्ष 2022–23 के ऑडिट रिपोर्ट में उजागर लगभग 44 लाख रुपये के बरदाना घोटाले को लेकर अब आम आदमी पार्टी ने सीधा मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित नारायणपुर के कर्मचारियों द्वारा किसानों की राशि का गबन किया गया, लेकिन आज तक न तो वसूली हुई और न ही एफआईआर दर्ज की गई, जो स्पष्ट रूप से बैंक और प्रशासन की मिलीभगत को दर्शाता है।
आम आदमी पार्टी बस्तर लोकसभा अध्यक्ष नरेन्द्र नाग ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ऑडिट रिपोर्ट में साफ लिखा है कि किसानों को बरदाने की राशि नहीं दी गई और बैंक कर्मचारियों ने उस राशि का गबन किया है। इसके बावजूद दोषियों पर कार्रवाई न होना यह साबित करता है कि जिम्मेदार अधिकारी पूरे मामले को दबाने में लगे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि एक ओर किसान अपनी मेहनत की कमाई के लिए दर-दर भटक रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भ्रष्ट कर्मचारी और अधिकारी खुलेआम घोटाले की राशि हड़पकर बैठे हैं। यह सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों पर सीधा डाका है।
नरेन्द्र नाग ने चेतावनी देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को अब बर्दाश्त नहीं करेगी। मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री को ज्ञापन सौंपकर 7 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है कि यदि इस अवधि के भीतर दोषी बैंक कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई और गबन की राशि की वसूली शुरू नहीं की गई, तो पार्टी सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह लड़ाई सिर्फ 44 लाख रुपये की नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान और हक की लड़ाई है। यदि प्रशासन ने अब भी कार्रवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में नारायणपुर में बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
“या तो दोषियों पर कार्रवाई होगी, या फिर सड़क पर संघर्ष होगा” – नरेन्द्र नाग
आज ज्ञापन देने वालो मे जिलाध्यक्ष परमित दुग्गा, मनकू पोटाई, व अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे,



