अमित दुबे की रिपोर्ट
रतनपुर।
वार्ड क्रमांक 2 गांधी नगर रतनपुर में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा के विश्राम दिवस पर भक्ति, आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। नौ दिनों तक चले इस पावन धार्मिक आयोजन के समापन अवसर पर हवन-पूजन, कन्या भोज, ब्राह्मण भोज एवं विशाल सार्वजनिक भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें मोहल्लेवासियों के साथ-साथ नगर के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल विद्वान पंडितों के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत हवन-पूजन से हुई। मुख्य आचार्य श्री चित्रकांत मिश्रा के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, रोगमुक्त जीवन एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। हवन के दौरान पूरे वातावरण में मंत्रोच्चार और भक्ति की गूंज सुनाई दी, जिससे पूरा क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।
कथा के दौरान श्री श्याम जागरण म्यूजिकल ग्रुप, विक्रम मिश्रा एवं उनके साथियों द्वारा नौ दिनों तक संगीतमय भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी गई, जिसने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। भजन-कीर्तन के माध्यम से श्रद्धालु देर रात तक कथा स्थल पर डटे रहे और मां भगवती की आराधना में लीन दिखाई दिए।
हवन-पूजन के उपरांत कन्या भोज का आयोजन किया गया, जिसमें छोटी-छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर विधिवत पूजन किया गया तथा उन्हें ससम्मान भोजन कराकर उपहार भेंट किए गए। इसके साथ ही ब्राह्मणों को भी विधि-विधान से भोजन कराकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया।
इसके पश्चात विशाल सार्वजनिक भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें नगर एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सभी ने श्रद्धा भाव से प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे की व्यवस्था अत्यंत सुव्यवस्थित रही, जिससे किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
इस अवसर पर कथा वाचिका सुश्री देवी श्री ने अपने प्रवचन में कहा कि श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन के समस्त कष्टों का नाश करता है और उसे आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि हवन, दान, सेवा एवं भक्ति जैसे कार्य व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और समाज में प्रेम, एकता एवं सद्भाव को मजबूत करते हैं।
वहीं कथा श्रवण कर रहे पंडित अजय दुबे ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजनों से समाज में संस्कारों का संचार होता है और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि पूरे कार्यक्रम का संचालन अत्यंत अनुशासित, व्यवस्थित एवं प्रेरणादायक रहा।
इस भव्य आयोजन की सफलता में आयोजक राजू साहू, हिमांशु तथा दुर्गा मंदिर समिति के सदस्यों सहित समस्त वार्डवासियों का विशेष योगदान रहा। सभी ने तन-मन-धन से सहयोग करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजन समिति ने नगरवासियों, सहयोगियों एवं दानदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें साधुवाद दिया तथा मां भगवती से प्रार्थना की कि भविष्य में भी इसी प्रकार सभी का सहयोग एवं आशीर्वाद मिलता रहे।
पूरे आयोजन के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह एवं श्रद्धा देखने को मिली। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज में सेवा, समर्पण और एकता की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ।





