देवरबीजा सेवा सहकारी समिति का निरीक्षण: प्रभारी सचिव शहला निगार ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा*
*बेमेतरा, 17 अप्रैल 2026:-* जिले की प्रभारी सचिव शहला निगार आज देवरबीजा सेवा सहकारी समिति के निरीक्षण हेतु पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने समिति में संचालित विभिन्न व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान समिति में संचालित कार्यों, रिकॉर्ड संधारण, खाद्यान्न वितरण व्यवस्था तथा हितग्राहियों को मिलने वाली सेवाओं की स्थिति का अवलोकन किया गया। प्रभारी सचिव ने पारदर्शिता, समयबद्धता एवं हितग्राहियों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे। साथ ही रिकॉर्ड संधारण एवं वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने समिति स्तर पर स्वच्छता, निगरानी एवं व्यवस्था को और बेहतर बनाने पर भी बल दिया, ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निरीक्षण के दौरान बेमेतरा कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई, एसडीएम दीप्ति वर्मा, तहसीलदार मानकर, देवरबीजा के नायब तहसीलदार राजा राम तथा समिति अध्यक्ष संजीव तिवारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने प्रभारी सचिव को समिति की कार्यप्रणाली एवं वितरण प्रणाली की विस्तृत जानकारी दी।
*उर्वरक वितरण, पीएम-आशा योजना एवं स्टॉक व्यवस्था को लेकर दिए निर्देश*
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव द्वारा उर्वरक वितरण एवं भंडारण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देशित किया कि पीएम-आशा योजना अंतर्गत खरीफ फसलों के लिए आवश्यक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा किसानों को समय पर वितरण किया जाए। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि उर्वरकों के भंडारण एवं स्टॉक की स्थिति को व्यवस्थित बनाए रखने तथा आवश्यकतानुसार पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता बनाए रखना जरूरी है।
प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डीएपी, एसएसपी एवं एनपीके जैसे उर्वरकों का संतुलित वितरण किया जाए और किसी एक उर्वरक पर अनावश्यक दबाव न बनाया जाए। साथ ही उर्वरक वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पीओएस मशीन एवं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को उर्वरकों के सही उपयोग एवं संतुलित मात्रा के संबंध में जागरूक किया जाए, जिससे उत्पादन में वृद्धि हो सके और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो। निरीक्षण के अंत में अधिकारियों को सभी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने तथा शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।




