जहां एक तरफ आम जनता आपातकालीन सेवाओं के लिए तरसती है, समय पर मदद नहीं मिलती…
वहीं दूसरी तरफ नगर सेना विभाग नारायणपुर के अधिकारी के तोते को पेड़ से उतारने के लिए फायर ब्रिगेड तुरंत पहुंच जाती है!
क्या यही है प्रशासन की प्राथमिकता?
क्या जनता की जान से ज्यादा अहम एक अधिकारी का पालतू है?
यह कोई छोटी घटना नहीं, बल्कि लापरवाही, गैर-जिम्मेदारी और सत्ता के दुरुपयोग का जीता-जागता उदाहरण है।
आज युवा कांग्रेस के साथियों के साथ जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन देकर उच्च स्तरीय जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
⚠️ अगर जल्द न्याय नहीं मिला, तो यह लड़ाई सड़क से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक लड़ी जाएगी!
✊ जनता के हक और सरकारी संसाधनों के सम्मान के लिए हर संघर्ष जारी रहेगा।
#जनता_का_हक #सरकारी_दुरुपयोग #जवाब_दो_प्रशासन #युवा_कांग्रेस #नारायणपुर



