चार सूत्रीय मांगों को लेकर एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री तक भेजा ज्ञापन, ओबीसी के लिए अलग कोड और 27% आरक्षण लागू करने की मांग
खैरागढ़। ओबीसी महासभा ने जातिगत जनगणना, महिला आरक्षण में ओबीसी हिस्सेदारी, बैकलॉग भर्ती और लंबित आरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार के माध्यम से प्रेषित किया गया। जिलाध्यक्ष सेखु वर्मा ने बताया कि प्रस्तावित राष्ट्रीय जनगणना 2027 के प्रपत्र में ओबीसी के लिए अलग कोड का प्रावधान नहीं होने से समुदाय में नाराजगी है। महासभा ने मांग की है कि जनगणना प्रपत्र के कॉलम नंबर 13 में ओबीसी के लिए पृथक कोड निर्धारित कर उनकी अलग से गणना की जाए। महासभा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के तहत महिलाओं को दिए गए 33 प्रतिशत आरक्षण में ओबीसी महिलाओं के लिए अलग प्रावधान नहीं होने पर भी आपत्ति जताई। संगठन ने ओबीसी महिलाओं के लिए 27 प्रतिशत पृथक आरक्षण लागू करने की मांग की, इसे सामाजिक न्याय के सिद्धांत से जोड़ा। इसके अलावा, केंद्र और राज्य के विभिन्न विभागों में वर्षों से रिक्त पड़े ओबीसी वर्ग के बैकलॉग पदों को जल्द भरने की मांग भी उठाई गई। महासभा का कहना है कि हजारों पद खाली होने से संविधान की मूल भावना प्रभावित हो रही है। छत्तीसगढ़ में लंबे समय से लंबित 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को तत्काल लागू करने और उच्च पदों में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की भी मांग ज्ञापन में शामिल है। संगठन का तर्क है कि बिना जातिगत जनगणना के ओबीसी वर्ग की वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन संभव नहीं है, जिससे नीतियों का प्रभावी क्रियान्वयन प्रभावित होता है।ज्ञापन सौंपने के दौरान दुर्ग संभाग अध्यक्ष वीप्लव साहू, संरक्षक टीलेश्वर साहू, नारायण वर्मा, सिवा यादव, प्रेमलाल यादव, शिवेंद्र वर्मा, भोला साहू, राजू वर्मा, पंकज साहू, टिल्लू वर्मा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।



