सहायक सचिव फुलसिंग कचलाम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि उनके द्वारा नारायणपुर जिला में लेम्प्स समितियों में शाखा प्रबंधक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर शाखा नारायणपुर प्रबंधक प्रतीक अवस्थी एवं समिति प्रबंधक एड़का जे.एन. देवांगन द्वारा किसानों का बारदाना राशि 43.86,741.07 (तिरालीस लाख छियासी हजार सात सौ इकचालीस रूपये सात पैसे मात्र गबन करने वाले लोक सेवक पर कानूनी कार्यवाही करने विषयक एक लिखित शिकायत पत्र को जिलाधीश जिला नारायणपुर छत्तीसगढ़ के समक्ष 3 दिसम्बर 2025 को प्रस्तुत करके उपरोक्त बैंक कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार एवं गबन करने के मामले को सज्ञान में लेकर नामजद प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर कानूनी कार्यवाही करने का आग्रह करते हुए चेतावनी दिया था, कि वैधानिक कार्यवाही नहीं होने पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला परिषद् नारायणपुर के द्वारा कानूनी कार्यवाही करने की माँग को लेकर उग्र आंदोलन और प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। लेकिन जिलाधीश नारायणपुर के द्वारा उपरोक्त गम्भीरतम मामले को संज्ञान में लेकर आज प्रेस विज्ञप्ति जारी किए जाने के दौरान यानि 5 माह बितने तक कोई कार्यवाही किया गगया हो ऐसा प्रतित नहीं हो रहा है। जिससे ऐसा प्रतित होता है कि प्रशासन तंत्र में बैठे सभी अधिकारी भ्रष्टाचार के मामले में संगठित हैं, यही कारण है कि जांच के बाद भ्रष्टाचार किए होने की पुष्टि होने के बाद भी सक्षम अधिकारी भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्यवाही करते नजर नहीं आते।
फुलसिंग कचलाम ने प्रेस को अवगत कराया कि नारायणपुर जिले में सहकारी समितियों द्वारा ही धान की खरीदी की जाती है, जिसमें मुख्य भूमिका जिला सहकारी केन्द्रिय बैंक मर्यादित जगदलपुर के शाखा प्रबंधक का होता है, नारायणपुर जिले के 10 समितियों के अंकेक्षण वर्ष 2022-23 के अनुसार श्री प्रतीक अवस्थी और श्री जे.एन. देवांगन द्वारा किसानों का बारदाना राशि 43,86,741.07 रुपए का गबन किया गया है, नारायणपुर जिले के धान खरीदी केन्द्र 1) एड़का, 2) नारायणपुर, 3) बेनुर, 4) बाकुलवाही, 5) बिजली, 6) छोटेडोंगर, 7) झारा, 8) धौडाई 9) ओरछा आदि सहकारी समितियों में बारदाना के लिए राशि आबंटन हुआ था, उक्त राशि को गैरकानूनी तरीके से प्रतीक अवस्थी एवं जे.एन. देवांगन शाखा प्रबंधक द्वारा गबन किया गया। समाचार पत्रों में भी उक्त भ्रष्टाचार का उजागर होने के साथ ही सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत माँगी गई जानकारी में भी उपरोक्त बैंक कर्मचारियों द्वारा गबन किए जाने की पुष्टि हो चुकी है। यह आदिवासी बाहुल्य नारायणपुर जिले के किसानों के साथ बड़ा धोखा है। सीपीआई जिला परिषद् नारायणपुर इस मामले को लेकर बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में है।



