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बुलंद टाइम्स न्यूज/अमित दुबे
बिलासपुर। नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और अपराधों की विवेचना को अधिक आधुनिक, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बिलासपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार बिलासपुर जिले के विवेचकों को 208 मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT – Mobile Data Terminal) डिवाइस प्रदान किए गए हैं। इन अत्याधुनिक उपकरणों के माध्यम से अब विवेचक घटनास्थल से ही डिजिटल साक्ष्य (ई-साक्ष्य) सुरक्षित रूप से संकलित कर सीधे CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बिलासपुर रजनेश सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों एवं साइबर सेल के विवेचकों को MDT डिवाइस वितरित किए गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों में डिजिटल साक्ष्यों का महत्व पहले की अपेक्षा काफी बढ़ गया है। ऐसे में घटनास्थल से साक्ष्य संकलन के दौरान आने वाली तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं को दूर करने के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा यह पहल की गई है। अब विवेचकों को ई-साक्ष्य संकलित करने के लिए अपने निजी मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करना पड़ेगा, जिससे मोबाइल की मेमोरी भरने, डेटा डिस्टर्ब होने अथवा साक्ष्यों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं से भी राहत मिलेगी।
MDT डिवाइस के माध्यम से फोटो, वीडियो एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों को घटनास्थल से ही सुरक्षित रूप से रिकॉर्ड कर तत्काल CCTNS पोर्टल पर अपलोड किया जा सकेगा। इससे साक्ष्यों की विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी तथा विवेचना प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनेगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस नई व्यवस्था से अपराधों की जांच में तेजी आएगी, विवेचना की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा समयबद्ध तरीके से न्यायालय में चालान प्रस्तुत किए जा सकेंगे। इससे अपराधियों के विरुद्ध मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत करने में मदद मिलेगी और उन्हें शीघ्र एवं कड़ी कानूनी सजा दिलाने की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी होगी।
बिलासपुर पुलिस का यह तकनीकी नवाचार नए आपराधिक कानूनों की भावना के अनुरूप डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
इससे न केवल पुलिस की कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी न्यायिक प्रक्रिया का लाभ मिल सकेगा।



