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बुलन्द टाइम्स न्यूज/अमित दुबे
बिलासपुर/कोटा। कोटा क्षेत्र के ग्राम अमली में कोलवाशरी से जुड़े भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। खराब और जर्जर सड़क के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव के प्रवेश मार्ग के पास गड्ढा खोद दिया, जिसके चलते कोयला लदे करीब 100 से 150 हाइवा वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार भारी वाहनों के आवागमन से सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ होने के कारण चारपहिया और ट्रैक्टर से आवागमन करना भी मुश्किल हो गया है। हालात ऐसे बन गए कि ग्रामीणों और राहगीरों को पैदल चलने में भी परेशानी उठानी पड़ी।
स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के अनुसार, क्षेत्र में संचालित तीन-चार कोलवाशरी डिपो के कारण भारी वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। सरपंच हितेंद्र सिंह सहित ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत और यातायात व्यवस्था को लेकर कोलवाशरी प्रबंधन से चर्चा की, लेकिन आरोप है कि उन्हें अपेक्षित और संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी बात को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले से ही कोलवाशरी के कारण बड़ी संख्या में भारी वाहन गुजर रहे हैं। ऐसे में नई कोलवाशरी परियोजनाओं और बढ़ते वाहनों के दबाव को लेकर भी स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। ग्रामीणों का मानना है कि सड़क और यातायात व्यवस्था में सुधार किए बिना भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से समस्या और गंभीर हो सकती है।
स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने और भारी वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने की मांग की। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सड़क मरम्मत शुरू कराने का आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।
ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि सड़क की शीघ्र मरम्मत कराई जाए और कोलवाशरी के भारी वाहनों के लिए व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आम ग्रामीणों को रोजाना की परेशानी से राहत मिल सके।




