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बुलंद टाइम्स न्यूज/अनीष मिश्रा
रायपुर। साइबर ठगी एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में पीड़ितों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने और ठगी की राशि की प्रभावी वापसी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस कार्यालय, कालीबाड़ी, रायपुर में जिले के विभिन्न बैंकों के नोडल अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों के लिए GRM (Grievance Redressal Module) एवं MRM (Money Restoration Module) पोर्टल संबंधी प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में पुलिस उपायुक्त (उत्तर क्षेत्र) श्रीमती दीपमाला कश्यप एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री गौरव मंडल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि साइबर ठगी एवं ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में ब्लॉक या होल्ड किए गए बैंक खातों में उपलब्ध राशि को पात्र पीड़ितों को वापस दिलाने की प्रक्रिया को सुगम और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा GRM एवं MRM पोर्टल की शुरुआत की गई है।
प्रशिक्षण के दौरान बैंक अधिकारियों को पोर्टल के माध्यम से साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों एवं प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण, बैंक खातों में होल्ड या ब्लॉक की गई राशि की जानकारी, प्रकरणों के निस्तारण तथा पीड़ितों को राशि वापस किए जाने की प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
अधिकारियों को बताया गया कि साइबर फ्रॉड के मामलों में समय पर कार्रवाई सबसे महत्वपूर्ण है। बैंक स्तर पर प्राप्त शिकायतों पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शीघ्र कार्रवाई करते हुए आवश्यक जानकारी पोर्टल पर समय पर अपडेट की जाए, ताकि ठगी की राशि को सुरक्षित रखने और पात्र पीड़ितों को वापस दिलाने में अनावश्यक विलंब न हो।
कार्यशाला में GRM एवं MRM पोर्टल के व्यावहारिक उपयोग, प्रकरणों की निगरानी, लंबित मामलों के निराकरण तथा पुलिस, साइबर सेल और बैंक अधिकारियों के बीच प्रभावी समन्वय के संबंध में भी जानकारी दी गई। साथ ही साइबर अपराध से जुड़े मामलों में बैंक स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका एवं दायित्वों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैंक अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे अपने-अपने बैंकों एवं शाखाओं में साइबर फ्रॉड से संबंधित शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही पुलिस विभाग एवं साइबर सेल के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण करें।
नागरिकों से साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील
कार्यशाला के दौरान नागरिकों से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील की गई। नागरिकों को सलाह दी गई कि वे OTP, PIN, CVV, UPI PIN, पासवर्ड अथवा बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। संदिग्ध लिंक, कॉल, मैसेज एवं ऑनलाइन निवेश संबंधी प्रस्तावों से भी सावधान रहने कहा गया।
साइबर ठगी की घटना होने पर नागरिकों से बिना विलंब 1930 साइबर हेल्पलाइन पर सूचना देने तथा संबंधित साइबर अपराध पोर्टल या पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई। समय पर सूचना मिलने से ठगी की राशि को तत्काल रोकने और पात्र पीड़ित को राशि वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।
जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और बैंकिंग संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से साइबर अपराध की रोकथाम, त्वरित कार्रवाई एवं पीड़ितों को राहत उपलब्ध कराने की दिशा में इस प्रशिक्षण कार्यशाला को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




