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बुलंद टाइम्स न्यूज, गरियाबंद। विकासखंड छुरा अंतर्गत ग्राम फुलझर में SC/ST प्रकरण में आमलोगों को फसाना और उनका शोषण करना आम बात हो गई है? यदि सरपंच से काम की मांग करते है अथवा गलत काम (भ्रष्टाचार) का विरोध करते हैं तो आप सावधान हो जाएं कही आपके खिलाफ व्यापक षडयंत्र हो सकता है। दरअसल ग्राम का युवक योगेश्वर साहू द्वारा मनरेगा में काम नहीं दिए जाने पर जिला कलेक्टर से काम की मांग किया था और फर्जी मस्टरल रोल की शिकायत की गई थी। मगर आवेदक के ही विरुद्ध भादस 506,509,294 3(1)r,3(1)s के तहत कार्रवाई की गई थी। बाद में माननीय विशेष न्यायालय(एट्रोसिटीज) रायपुर ने दोषमुक्त कर योगेश्वर साहू के पक्ष में फैसला देते अपील होने की स्थिति में संपत्ति का व्ययन करने सरपंच सुनीति ध्रुव को आदेशित किया था।
उक्त प्रकरण में सरपंच सुनीति ध्रुव द्वारा जातीसूचक शब्दों का प्रयोग, अश्लिल गलियाँ, गलत मैसेज, वीडियो, मंदबुद्धी , जान से मारने आदि का आरोप लगाया था जिसमें ग्राम की हेमा साहू, खिलेश्वरी साहू, तारण ध्रुव,संतोष सेन,रोहित यादव, संतु ध्रुव ने गवाही दिया था। लेकिन स्वयं सुनीति ध्रुव बार-बार बयान बदलते दिखीं। उन्होंने स्वीकार किया कि पुलिस अधीक्षक से शिकायत के कारण ऐसा किया था। माननीय विशेष न्यायालय के समक्ष वह आरोप सिद्ध नहीं कर पाई जिसे उन्हें फटकारा गया था।
लोग फर्जी गवाहन क्यों बन जाते हैं?
बात दो व्यक्ति के मध्य विवाद का नहीं अपितु पुरानी रंजिश का है। जिसमें कुछ लोगों द्वारा सरपंच को भड़काकर थाना में फर्जी रिपोर्ट दर्ज करवा दिया जाता है और थाना प्रभारी वेदमती दरियों आँख मूंदकर बिना जांच के कार्रवाई करती है। यह मामला साहू परिवार के लिए अहम इसीलिए हो जाता है क्योंकि वर्तमान में दुबारा उनके खिलाफ फर्जी SC/ ST प्रकरणों में फंसाया गया हैं,जिसमें संतु ध्रुव,तारण ध्रुव सहित अन्य लोगों की भूमिका पर संदेह है।
थाना प्रभारी सलाखों के पीछे…
करनी का फल तो भुगतना होता है कुछ साल बाद थाना प्रभारी वेदमती दरियो के आर्थिक लेनदेन मामले में सलाखों के पीछे होने की सूचना है।
साहू परिवार हमेशा से गांव की शिक्षा ,तरक्की व शांति की बात करते है इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा पुलिस से मिलीभगत कर तंग किया जाता रहा है। वास्तव में वे चाहते हैं कि कोई काम कागज में न हो करके विकास धरातल पर हो।




