रिपोर्टर – योगेश्वर साहू
छुरा (घटारानी)। मां घटारानी धाम से बड़ी खबर सामने आ रही है। धाम में बढ़ती गंदगी और प्लास्टिक कचरे को लेकर वन विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। पांडुका वन परिक्षेत्र की ओर से धाम में दुकान संचालित करने वाले सभी व्यापारियों को नोटिस जारी किया गया है।
यह नोटिस वन रक्षक राहुल श्रीवास और पांडुका परिक्षेत्र के अधिकारियों द्वारा जारी किया गया है। नोटिस में व्यापारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि घटारानी धाम और आसपास के वन क्षेत्र में प्लास्टिक और पॉलीथीन का उपयोग और बिक्री पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
यह नियम घटारानी ट्रस्ट के लिए भी लागू किया गया है। ट्रस्ट द्वारा आयोजित होने वाले भंडारे और अन्य कार्यक्रमों में भी प्लास्टिक का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
वन विभाग ने अपने नोटिस में छत्तीसगढ़ प्लास्टिक एवं नॉन बायोडिग्रेडेबल नियम 2023 और एक्ट 2020 की धारा 08(1), 09 और 13 का हवाला दिया है। नोटिस में कहा गया है कि प्रत्येक दुकानदार को अपनी दुकान के आसपास साफ-सफाई रखना अनिवार्य होगा। जो भी व्यापारी या ट्रस्ट इस नियम का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ शासन के नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भंडारे की पत्तल नाले में न फेंकें, गड्ढे में डालें –
नोटिस में एक और महत्वपूर्ण बात कही गई है। अक्सर देखा जाता है कि भंडारे के बाद दोना-पत्तल नाले में फेंक दिए जाते हैं, जिससे धाम का मुख्य नाला जाम हो जाता है और गंदगी फैलती है। इसको लेकर वन विभाग ने विशेष हिदायत दी है कि भंडारे की पत्तलों को नाले में बिल्कुल भी न डाला जाए। पत्तलों को इकट्ठा कर धाम से बाहर किसी सुरक्षित जगह ले जाकर गड्ढे में डालने की सलाह दी गई है।
वन विभाग के इस फैसले का उद्देश्य घटारानी धाम की प्राकृतिक सुंदरता, स्वच्छता और पवित्रता को बनाए रखना है। विभाग की इस सख्ती के बाद अब धाम में गंदगी फैलाने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी है।




