रामेश्वर सिंह क्षत्रिय जांजगीर-चांपा
जांजगीर चांपा : शांतिकुंज हरिद्वार में ब्रह्म वर्चस्व पर पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से लौटते समय विभागाध्यक्ष हरीश तिवारी जी से सप्रेम भेंट हुई जहां रामेश्वर सिंह क्षत्रिय के साथ योग शिक्षक राम कुमार कश्यप, राजकुमार हंसले जय नंदन सिंह, योगेश कुमार, लव कुमार कश्यप जी ने भी शिरकत की जहां पर तिवारी जी ने अपने कार्यालय में बहुत ही विनम्र भाव से स्वागत किया तत्पश्चात सभी को गायत्री मंत्र का महत्व को समझाते हुए एक-एक शब्दों का ध्वनि तरंग द्वारा उच्चारण कराते हुए|
ओम के उच्चारण को बहुत ही गहराई से समझाया साथ ही साथ ब्रह्म वर्चस्व के अंदर ले जाकर सहस्त्रार्थ चक्र से कुंडली जागरण तक मनुष्य के अंदर विद्यमान एक एक तरंगों की उठने वाले लहरों को अंतर ध्यान के द्वारा कैसे समाहित होता है उनको बहुत विस्तार पूर्वक वैज्ञानिक ढंग से एक-एक उदाहरण प्रस्तुत कर बहुत ही विलक्षण गति से समाहित होने वाले जागृत मनुष्य के भाव एवं अंतरात्मा के अंदर शक्ति को पहचानते हुए अदृश्य शक्ति के माध्यम से मातृशक्ति स्वरूपा की पहचान अपने शब्दों के माध्यम से हमारी टीम को कराया हम लोगों ने बहुत ही आश्चर्यचकित भाव से ग्रहण करने का प्रयास किया आगे उन्होंने बताया कि जब आप लोग कभी शांतिकुंज में साधना के लिए आएंगे उस समय काफी विस्तार से समझने को मिलेगा|
जहां बड़े से बड़े वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन से लेकर भारत के अनेक वैज्ञानिकों ने परम पूज्य गुरुदेव राम शर्मा जी के प्रेरणा स्रोत बनकर शोध कार्य करते रहे साथ ही साथ पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के प्रमुख स्वामी रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण महाराज ने भी शांतिकुंज के शोध संस्थान में अनेको वर्ष रहकर डॉ प्रणव पंड्या के साथ बिताये एवं गुरुकुलिय परंपरा को निभाते हुए डॉक्टर प्रणव पंड्या जी को बड़े भाई मानकर कई अनेक दुर्लभ जड़ी बूटियां के शक्तियों को पहचान कर शोध कार्य करते रहे आज हमारी टीम ने भी डॉक्टर तिवारी जी सानिध्य में दो-तीन घंटे रहकर बहुत ही गहराई से अपने आत्मज्ञान के बारे में जानने एवं समझने का प्रयास किया!इसके लिए तिवारी जी को सभी ने धन्यवाद दिया!




