अमित दुबे की रिपोर्ट | बुलंद टाइम्स न्यूज़
रतनपुर। धार्मिक एवं पौराणिक नगरी रतनपुर स्थित मां महामाया देवी मंदिर में शारदीय नवरात्रि की सप्तमी पर आस्था और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला। सुबह से ही माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। मां के जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा। इस पावन अवसर पर प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक जनप्रतिनिधियों ने मां महामाया के दरबार में मत्था टेककर देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मां महामाया के दरबार में पहुंचे धर्मलाल कौशिक और चरणदास महंत
सप्तमी की सुबह विधायक धरमलाल कौशिक ने मां महामाया देवी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत भी माता के दरबार पहुंचे और मां के चरणों में शीश नवाया। दोनों नेताओं ने देश और प्रदेश में सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

200 किलोमीटर की ध्वज यात्रा कर मां के चरणों में अर्पित की चुनरी
नवरात्रि के प्रथम दिन बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने गिरजा वन हनुमान मंदिर से ध्वज यात्रा प्रारंभ की थी। अपने विधानसभा क्षेत्र में लगभग 200 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने के बाद वे मां महामाया देवी के दरबार पहुंचे और माता को चुनरी एवं ध्वज अर्पित कर यात्रा का समापन किया।
इस अवसर पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा सहित भाजपा के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। यात्रा के माध्यम से मां महामाया के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए प्रदेश और विधानसभा क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा जनकल्याण की कामना की गई।
सुशांत शुक्ला ने मां महामाया से की प्रदेश की खुशहाली की कामना
विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा
“मां महामाया के प्रति हमारी अटूट श्रद्धा और विश्वास है। ध्वज यात्रा के माध्यम से हमने माता के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की है। मां महामाया से प्रार्थना है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश सुख-समृद्धि और खुशहाली के मार्ग पर आगे बढ़े, प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख-शांति बनी रहे और हमारे विधानसभा क्षेत्र की जनता स्वस्थ, समृद्ध एवं खुशहाल रहे।”
श्रद्धा और विश्वास से सराबोर रहा मां का दरबार
नवरात्रि की सप्तमी पर मां महामाया के दरबार में उमड़ी भीड़ ने रतनपुर की धार्मिक महत्ता और माता के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को एक बार फिर प्रदर्शित किया। कोई मां के दर्शन कर आशीर्वाद मांगता नजर आया, तो कोई परिवार और समाज की खुशहाली की प्रार्थना करता दिखा।
मां महामाया के जयकारों के बीच पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं के लिए नवरात्रि का यह पावन अवसर आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ने का विशेष अवसर बना।




