भोपाल | भोपाल मध्यप्रदेश कोलकाता में मेडिकल पीजी स्टूडेंट्स के साथ रेप और हत्या (Kolkata rape and murder) के मामले से पूरे देश के डॉक्टर्स और मेडिकल स्टूडेंट्स में आक्रोश है। मंगलवार 13 अगस्त मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में भी रेजीडेंट डॉक्टर्स और मेडिकल स्टूडेंट्स हड़ताल पर उतर आए। पीजी मेडिकल स्टूडेंट को जल्द न्याय दिलाने की मांग को लेकर हड़ताल कर रहे हैं।
उनका कहना है कि पीजी मेडिकल स्टूडेंट को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए। एम्स परिसर वी-वॉन्ट जस्टिस के नारे से गूंज उठा। यहां केवल इमरजेंसी में ही वे अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ताकि गंभीर रोगियों की जान को खतरा न हो।
भोपाल एम्स (Bhopal AIIMS) में हड़ताल के कारण ओपीडी में दिखाने आ रहे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा इलेक्टिव ओटी, लैब और अन्य सुविधाएं भी बुरी तरह से प्रभावित हो गई हैं।
एम्स प्रबंधन फिलहाल सब देखते हुए भी ना हड़ताल का समर्थन कर रहा है और ना ही विरोध। प्रबंधन का कहना है कि ये स्टूडेंट का मामला है, उनको इसकी जानकारी नहीं है।
जानें क्या है मामला
मामला 8-9 अगस्त की रात का है, जब कोलकाता के ‘राधा गोबिंद कर मेडिकल कॉलेज से ट्रेनी डॉक्टर की लाश मिली थी। इस डॉक्टर की उम्र 31 वर्ष थी, जो उस दिन तीन और डॉक्टर्स के साथ नाइट ड्यूटी पर थी। इनमें दो डॉक्टर चेस्ट मेडिसिन डिपार्टमेंट थे, एक ट्रेनी थी। एक कर्मचारी अस्पताल के हाउस स्टाफ से था। उस रात को इन सभी डॉक्टर्स और कर्मचारियों ने साथ में खाना खाया था।
इसके बाद महिला डॉक्टर रात को करीब दो बजे सोने के लिए अस्पताल के सेमिनार हॉल में चली गई। इसके बाद संजय रॉय पीछे के रास्ते से इस सेमिनार हॉल में आया और पहले उसने इस लड़की की निर्ममता से हत्या की और फिर उसका रेप किया। सबसे बड़ी बात ये है कि ये आरोपी ना तो अस्पताल के स्टाफ से था और ना ही किसी मरीज का कोई रिश्तेदार था। वो कोलकाता पुलिस के लिए सिविक वांलटियर का काम करता था।






