गणेश यादव की रिपोर्ट :-
जशपुर। अंतरराज्यीय सीमाओं का फायदा उठाकर होने वाली गांजा तस्करी, गौ तस्करी, अवैध धान परिवहन और आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए तीन राज्यों की पुलिस एवं प्रशासन ने कमर कस ली है। छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के सीमावर्ती जिलों के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय बॉर्डर मीटिंग जशपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने, अतिरिक्त चेकपोस्ट स्थापित करने और अपराधियों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की कार्ययोजना तैयार की गई।
बैठक की अध्यक्षता डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह ने की। इस दौरान जिला कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास सहित तीनों राज्यों के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
गांजा तस्करी रोकने सीमाओं पर होगी सघन जांच
बैठक में ओडिशा से छत्तीसगढ़ होते हुए अन्य राज्यों में होने वाली गांजा और मादक पदार्थों की तस्करी पर विशेष चर्चा की गई। तस्करी के संभावित मार्गों पर अधिक से अधिक चेकपोस्ट स्थापित करने तथा आने-जाने वाले वाहनों की सघन जांच करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही तस्करों का डेटाबेस तैयार कर उनकी जानकारी आपस में साझा करने और संगठित गिरोहों के विरुद्ध समन्वित कार्रवाई करने की रणनीति बनाई गई।
231 झारखंड और 40 ओडिशा के संदिग्धों की सूची साझा
बैठक में सीमावर्ती जिलों के निगरानी बदमाशों, माफियाओं, गुंडा-बदमाशों और स्थायी वारंटियों की धरपकड़ को लेकर भी चर्चा हुई। अधिकारियों के बीच व्हाट्सएप के माध्यम से अपराधियों की सूची और उनकी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी साझा करने पर सहमति बनी।
बैठक में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार झारखंड राज्य से संबंधित 231 और ओडिशा राज्य से संबंधित 40 व्यक्तियों की सूची का विवरण रखा गया। वहीं छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों में बलरामपुर के 10, सरगुजा के 76 और रायगढ़ के 34 व्यक्तियों की सूची का विवरण प्रस्तुत किया गया। दूसरे राज्यों में छिपे अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए भी आपसी सहयोग से कार्रवाई की जाएगी।
गौ तस्करी और अवैध खनिज परिवहन पर भी नजर
छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा से जुड़े गौ तस्करी के संभावित रास्तों को चिह्नित कर संदिग्ध वाहनों और तस्करी में शामिल लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों से अवैध खनिज और प्रतिबंधित सामग्रियों के परिवहन पर रोक लगाने के लिए नियमित निगरानी और नाकेबंदी की रणनीति बनाई गई।
15 नवंबर से धान खरीदी, दूसरे राज्यों से आने वाले धान पर रहेगी नजर
छत्तीसगढ़ में आगामी 15 नवंबर 2026 से धान खरीदी शुरू होने के मद्देनजर दूसरे राज्यों से अवैध रूप से धान लाकर प्रदेश में खपाने की आशंका पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त चेकपोस्ट लगाने, धान परिवहन करने वाले वाहनों की जांच करने और बिचौलियों की गतिविधियों पर नजर रखने की कार्ययोजना तैयार की। अवैध रूप से धान लाकर खपाने वालों के विरुद्ध आपसी समन्वय से कार्रवाई की जाएगी।
सूचनाओं का होगा त्वरित आदान-प्रदान
बैठक में तीनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर विशेष जोर दिया गया। अंतरराज्यीय एवं अंतरजिला अपराधों में आरोपियों की पतासाजी, गिरफ्तारी और मामलों के शीघ्र निराकरण के लिए जरूरत पड़ने पर संयुक्त अभियान चलाने पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों ने तय किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित चेकिंग, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की जांच और अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार सक्रिय रहेगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिला कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास, डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल, अपर कलेक्टर बलरामपुर अनिल कुमार सिदार, अपर कलेक्टर सरगुजा पी.व्ही. खेस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायगढ़ अनिल कुमार सोनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर राकेश कुमार पाटनवार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बलरामपुर-रामानुजगंज विश्वदीपक त्रिपाठी सहित एसडीओपी, डीएसपी, तहसीलदार और तीनों राज्यों के विभिन्न थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
जशपुर पुलिस के अनुसार, इस संयुक्त रणनीति का उद्देश्य अंतरराज्यीय सीमाओं पर अपराध और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।




