डे नारायण सिंह बघेल की रिपोर्ट :-
नारायणपुर| छत्तीसगढ़ शासन समाज कल्याण विभाग द्वारा नशा पीड़ितों हेतु 15 बिस्तरों का एकीकृत पुनर्वास केन्द्र नशामुक्ति केन्द्र का संचालन हेतु निर्देशित किया गया है। जिसके तहत् जिले में नशा पीड़ितों हेतु 15 बिस्तरों का एकीकृत पुनर्वास केन्द्र (नशाक्ति केन्द्र) का संचालन किया जाएगा। जिला अंतर्गत समाज कल्याण विभाग से मान्यता प्राप्त स्वैच्छिक संस्था जिन्हे नशामुक्ति के क्षेत्र में न्यूनतम 03 वर्षों से कार्य करने का अनुभव हो अथवा धर्मार्थ निजी चिकित्सालय अथवा शासकीय चिकित्सालय अथवा अन्य अभिकरण नशामुक्ति केन्द्र स्थापना से संबंधित दिशा-निर्देश समाज कल्याण से प्राप्त कर सकते है। अतः जिला नारायणपुर में नशामुक्ति केन्द्र संचालन किये जाने हेतु ईच्छुक स्वैच्छिक संस्था एव धर्मार्थ निजी चिकित्सालय अथवा शासकीय चिकित्सालय कार्यालय उप संचालक समाज कल्याण जिला नारायणपुर में 11 अक्टूबर 2024 तक निर्धारित प्रपत्र में आवेदन जमा कर सकते है।
प्रदेश व जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मुख्यतः शराब, गांजा, बीड़ी, तम्बाकू सिगरेट, गुडाखू, मुनक्का, ब्राऊन शुगर, हेरोईन, स्मैक, तम्बाकू निर्मित अन्य मादक पदार्थ, नशीली दवाईयां आदि नशा के रूप में प्रयुक्त होते हैं। इससे जनसामान्य में मानसिक, शारीरिक एवं आर्थिक क्षति परिलक्षित हुई है। मादक द्रव्यों एवं पदार्थों के उपयोग की रोकथाम, नशा पीड़ितों को नशामुक्त करने तथा नशापान के दुष्परिणामों के प्रति जनचेतना विकसित करने के लिए 15 बिस्तरों का एकीकृत पुनर्वास केन्द्र (नशामुक्ति केन्द्र) की स्थापना किया गया है।



