सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर | पुलिस अधीक्षक नारायणपुर प्रभात कुमार (भा.पु.से.) एवं अति. पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रोबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन पर उप पुलिस अधीक्षक साइबर सेल डॉ. प्रशांत देवांगन के नेतृत्व में जिला नारायणपुर पुलिस द्वारा ‘‘राज्य व्यापी साइबर जन-जागरूकता पखवाड़ा अभियान ’’ के अंतिम दिवस में क्षेत्र में साइबर क्राईम जन-जागरूकता अभियान चलाकर क्षेत्र के लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने के संबंध में जागरूक किया गया।
विनीत दुबे निरीक्षक सहित साइबर टीम नारायणपुर द्वारा केन्द्रीय विद्यालय एवं लाईवलीउड कॉलेज नारायणपुर में पहुंचकर बैनर व पोस्टर लगाकर आनलाईन ठगी, केवायसी के नाम पर ठगी, नौकरी दिलाने, लोन दिलाने, आनलाईन शापिंग ठगी के बारे में जानकारी दी गई, संदिग्ध फोन, संदिग्ध लिंक क्लिक नहीं करने, सोशल मिडिया पर अपना पर्सनल जानकारी शेयर नहीं करने व सोशल मिडिया पर सावधानी से काम करने बताया गया।
पासवर्ड में अक्षर, संख्याएं और विशेष चिन्हों का मिश्रण होना चाहिये। सावधानी से लिंक और इमेल खोले अंजान लिंक और इमेल से बचे यदि कोई संदिग्ध लिंग या इमेल मिलता है तो उसे न खोले और ना ही उस पर क्लिक करें। सोशल मीडिया पर सावधानी से काम करें सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और अंजान लोगों से सावधान रहें। साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ाये और साइबर सुरक्षा के बारे में स्वयं जागरूक रहे और दूसरों को भी जागरूक करें।
सत्यवान ठाकुर उप निरीक्षक थाना प्रभारी भरण्डा द्वारा ग्राम पंचायत करलखा में क्षेत्र के सरपंच, उपसरपंच, गायता, पटेल, कोटवार एवं आसपास क्षेत्र ग्रामीणों को बुलाकर साइबर का्रइम के बारे में बताया गया तथा साइबर का्रइम की जानकारी को अधिक से अधिक लोगों को बताने के संबंध में अवगत कराया गया।
अॅानलाईन फ्रॉड, फर्जी बैंक कॉल, केवाईसी अपडेट करने का झांसा, लॉटरी या ईनाम का लालच के नाम पर धोखाधड़ी, सरकारी एजेंसी के नाम धोखाधड़ी, पासवर्ड सुरक्षा के महत्व एवं अपने मोबाईल नम्बर और व्यक्तिगत जानकारी को लोगों से सुरक्षित रखने और अंजान लोगों के साथ व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करने के बारे में बताया गया। फर्जी कॉल आने पर सूचना तुरंत पुलिस या साइबर सेल को देने ताकि समय पर कार्यवाही की जा सके। लोगों को जटिल पासवर्ड का उपयोग करने एवं समय-समय पर पासवर्ड अपडेट करते रहने के संबंध में बताया गया।
सुदर्शन सिंह निरीक्षक-थाना प्रभारी बेनूर द्वारा हायर सेकेण्डरी स्कूल बेनूर पहुंचकर कर बैनर पोस्टर लगाकर छात्र/छात्राओं शिक्षकों को साइबर फ्रॉड ठगी ब्लैकमेलिंग से बचने के संबंध में जानकारी दिया गया साईबर फ्रॉड क्याहै? जागरूकता की आवश्यकता क्यो है? साइबर फ्रॉड के तरीके, साइबर फॉड से बचने के लिए सावधानियों एवं फ्रॉड पर किये जाने वाले कार्यवाही के बारे में विस्तार से बताया गया।
साइबर का्रइम की जानकारी को अधिक से अधिक लोगों को बताने के संबंध में अवगत कराया गया। मोबाईल नम्बर और व्यक्तिगत जानकारी को लोगों से सुरक्षित रखने और अंजान लोगों के साथ व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करने के बारे में बताया गया। फर्जी कॉल आने पर सूचना तुरंत पुलिस या साइबर सेल को देने ताकि समय पर कार्यवाही की जा सके। लोगों को जटिल पासवर्ड का उपयोग करने एवं समय-समय पर पासवर्ड अपडेट करते रहने के संबंध में बताया गया।
सुरेन्द्र चन्द्र यादव निरीक्षक-थाना प्रभारी छोटेडोंगर द्वारा क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थानों में पहुंचकर कर बैनर पोस्टर लगाकर छात्र/छात्राओं शिक्षकों को साइबर अपराध के बारे में जानकारी दिया गया जिसमें केवायसी अपडेट करने, केडिट कार्ड बनाने, लोन देने, बैंक अकाउंट ब्लॉक होने, टॉवर लगाने के नाम पर फर्जी कॉल, तुम्हारा बच्चा दिल्ली है किसी केश में फंसा है बोलकर, वाइस कॉल एडिट कर, फैमली मेम्बर एवं दोस्त से फैसे की मांग कर, हनी ट्रेप, वीडियो कालिन कर न्यूड फोटो को स्क्रीन शॉट लेकर हरासमेंट, ऑन लाइन परचेसिंग इत्यादि मामलों के बारे में विस्तृत जानकारी दिया गया।
कोई संदिग्ध कॉल आने पर बिना जांच/पड़ताल के बगैर अपना व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं करने बताया गया। फर्जी कॉल आने पर सूचना तुरंत पुलिस या साइबर सेल को देने ताकि समय पर कार्यवाही की जा सके। जिस प्रकार साइबर ठगी के मामले सामने आ रहे है उसे देखते हुए पुलिस द्वारा वृहत रूप से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। केवल अभियानों से साइबर अपराधों पर अंकुश नहीं लगाया जा सकता है बल्कि क्षेत्र के लोग/नागरिक द्वारा स्वयं जागरूक होने पर ही साइबर अपराधों को रोका जाना संभव है।
थाना प्रभारियों के द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्रों में लगातार साइबर क्राईम जागरूकता अभियान चलाकर क्षेत्र के ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चों व शिक्षकगण को साईबर क्राईम के बारे में जानकारी दिया गया। संदिग्ध कॉल को नहीं उठाने, अपने व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखने किसी अंजान व्यक्ति के उपर बिना जांच/पड़ताल किये बिना भरोसा नहीं करने एवं अॅानलाईन फ्रॉड, फर्जी बैंक कॉल, केवाईसी अपडेट करने का झांसा, लॉटरी या ईनाम का लालच देकर धोखाधड़ी, सरकारी एजेंसी के नाम से धोखाधड़ी इत्यादि संदिग्ध कॉल से बचकर रहने उनके बातों में नहीं आने आदि समझाईस दिया जाकर साइबर क्राईम से बचने के उपाय भी बताया जाकर लोगों को जागरूक किया गया।
क्षेत्रवासियों को साइबर ठगी के मामले में पीड़ित शीघ्र 24 घंटे के अन्तराल में डॉयल 1930 और साइबर हेल्प लाईन व्हाट्सएप नम्बर 9479281934 एवं ईमेल आईईडी cybercrime.gov.in में अपनी शिकायत दर्ज कर ठगी के रूपये होल्ड कराकर पुलिस के माध्यम से न्यायालय आदेश प्राप्त कर ठगी की राशि प्राप्त कर सकते है।



