ब्यूरो चीफ ब्रजेश शर्मा की रिपोर्ट :-
मुंगेली- विकास के रथ में तेजी से आगे बढ़ने की होड़, लगातार प्राकृतिक संसाधनों से छेड़छाड़, जंगलों और पेड़ों की अंधी कटाई ने नतीजन आज मुंगेली जिले को छत्तीसगढ़ के पहले और देश के नौवें (सर्वे रिपोर्ट- 47.3 डिग्री तापमान) में सबसे गर्म जिलों में शुमार कर दिया है।
नवतपा के छठवें दिन जिले का तापमान 46.9 डिग्री दर्ज हुआ, जो कि छत्तीसगढ़ के सबसे गर्म जिलों में से एक है। मौसम विभाग लगातार इस भीषण गर्मी में हिटवेव के साथ येलो ऑफिस जारी कर रहा है और जनमानस से सावधानियों की अपील भी कर रहा है। मगर इस धरती पर जन्म लिया हर मनुष्य दैनिक आवश्यकताओं के लिए सक्षम नहीं रह सकता। इसी तारतम्य में कल एक महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी।
मामला मुंगेली जिले के नगर पंचायत सरगांव का है। मुख्य मार्ग पर आर के इलेक्ट्रिकल्स के संचालक की पत्नी वार्ड नंबर 14 पर दोपहर अपने घर पर थी और उन्होंने छत पर कुछ अनाज रखा हुआ था। अंधधुंध कटाई हो चुकी या कहे लगभग समाप्त हो रहे वनों से जमीन की तलाश में काफी मात्रा में आये वानर नगर में दिखाई देता है जो उनकी छत पर पहुँचे उन्हें भगाने के उद्देश्य से वे छत पर पहुँची ही थी कि तेज गति से लू के थपड़ों ने उन्हें अपने कंटेन्ट में ले लिया। निचे आते ही वे चक्कर खाकर बेहोश हो गए जिन्हें प्राथमिक उपचार हेतु निजी अस्पताल ले जाया गया स्थिति तब हुवे उन्हें सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया था जब उन्होंने अपना दम तोड़ दिया। पंचनामा पश्चात शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
प्राकृतिक गर्मी और राजनीतिक गर्मी दोनों एक दूसरे के पूरक के रूप में दिखाई दे रही है, क्योंकि जैसे कांग्रेस चुनाव के एक चरण होते जा रहे हैं, वैसे ही प्रकृति भी एक चरण गर्म होते जा रही है। गर्मी की राजनीति से शुरू से ही गहरा लगाव रहा है। पेड़ लगाओ देश बचाओ की दुहाई के कारण की चर्चा.. वृक्षारोपण के नाम पर फोटो खिंचवाने की राजनीति..और सरकारी बंदरबांट भीषण गर्मी की रोकथाम के साथ ही किये जाने वाले नाम मात्र के वृक्षारोपण के सुरक्षा मामले पर शून्य दृश्यता दिखाई देती है।






