
ईश्वर प्रधान की रिपोर्ट :-
रतनपुर। प्राचीन नगरी रतनपुर में इस वर्ष विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को राखी पर्व होने के कारण 17 अगस्त को बड़े ही हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। आसपास के आदिवासी बाहुल्य गांवों से हजारों की संख्या में लोग पारंपरिक वेशभूषा धारण कर गाजे-बाजे और मांदर की थाप पर नृत्य करते हुए रैली के रूप में एकत्र हुए।
रैली की शुरुआत लिम्हा देव स्थल से बड़े देव की पूजा-अर्चना के बाद हुई। रास्ते में रतनपुर रेस्ट हाउस के पास जनप्रतिनिधियों और नगरवासियों ने भव्य स्वागत किया। पारंपरिक नृत्य करते हुए यह रैली नगर भ्रमण कर मां महामाया मंदिर पहुंची, जहां गोंडी विधि-विधान से महामाया देवी की पूजा-अर्चना विधायक अटल श्रीवास्तव के हाथों सम्पन्न कराई गई।

मुख्य अतिथि और अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, अति विशिष्ट अतिथि पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम, विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य रजनी पिंटू मरकाम, जयकुमारी प्रभु जगत, बालराम आर्मो, हरि नेताम, प्रताप परधान, दिनेश मरकाम सहित आदिवासी समाज के अनेक प्रबुद्ध जन मंच पर मौजूद रहे।
सर्व आदिवासी समाज रतनपुर इकाई के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक युवराज सिंह प्रधान ने अपने समाज के लिए रतनपुर में सामुदायिक भवन निर्माण की मांग रखी। साथ ही उन्होंने समाज से शराब त्यागने और बच्चों को शिक्षा दिलाने का आह्वान किया।
विधायक अटल श्रीवास्तव की घोषणा
- मुख्य अतिथि विधायक अटल श्रीवास्तव ने समाज की मांगों पर सहमति जताते हुए 10 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा—
- “शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है, जो किसी भी समाज को मजबूत और आगे बढ़ने की ताकत देता है।”
- साथ ही उन्होंने आदिवासी समाज की नृत्य और मांदर की सांस्कृतिक परंपरा को संरक्षित करने की अपील भी की।
- सर्व आदिवासी समाज द्वारा महामाया मंदिर में गोंडी विधिविधान के साथ मां महामाया देवी की पूजा अर्चना

एकता पर जोर
पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम ने कहा कि एकता ही आदिवासी समाज की सबसे बड़ी ताकत है और इसे बनाए रखना आवश्यक है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक उत्सव
आदिवासी बच्चों और युवाओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। पारंपरिक वेशभूषा में युवक-युवतियां मांदर की थाप पर झूमते रहे। पूरा महामाया चौक जय सेवा और आदिवासी जयघोष से गूंज उठा।
- मिलकर निभाई जिम्मेदारियां
- इस विशाल आयोजन की सफलता में सभी समाजों ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियां निभाईं —
- टेंट व साउंड व्यवस्था : सर्व आदिवासी समाज रतनपुर
- भोजन व्यवस्था : प्रधान समाज रतनपुर, कर्रा, कश्यारा पारा, बेलसरी, लिम्हागढ़
- डीजे व्यवस्था : जाली का सवरा समाज
विशेष सहयोग— प्रधान युवा संगठन रतनपुर इकाई ने किया
आयोजन की रूपरेखा को सफल बनाने में युवराज सिंह प्रधान, जय सिंह खुसरो, सदाराम मरकाम, सालिक मरकाम, धुर्वा सिंह ध्रुव, धन सिंह पोर्ते, विजय ध्रुव, पुष्पा ऊईके, रेवती मरावी, सुनीता राजवाड़े, मनीष ऊईके सहित बड़ी संख्या में युवा संगठनों और समाज के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
हजारों की भागीदारी
इस अवसर पर रतनपुर ही नहीं बल्कि आसपास के गांवों से आए महिला, पुरुष, युवा और बच्चों की भारी भागीदारी रही। कार्यक्रम ने आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति और जागरूकता का शानदार परिचय



