
अमित दुबे की रिपोर्ट:-
रतनपुर। 7 सितम्बर, भाद्रपद पूर्णिमा की तिथि पर इस वर्ष का अंतिम पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। यह ग्रहण रात 9:58 बजे से आरंभ होकर 1:26 बजे तक रहेगा तथा 11:42 बजे अपने चरम पर होगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि एवं पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में घटित होगा।
दैवज्ञ पंडित रमेश शर्मा (मंगलागौरी मंदिर धाम, शंकराचार्य आश्रम, पोड़ी रतनपुर) का कहना है कि किसी भी पूर्ण चंद्र ग्रहण का प्रभाव 6 माह तक देखा जाता है— अर्थात् इसके तीन महीने पूर्व और तीन महीने बाद तक इसका असर व्यक्तियों और समाज पर बना रहता है।
इस ग्रहण से पूर्व देशभर में बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं की आशंका जताई गई है, वहीं ज्योतिषियों ने आगाह किया है कि किसी बड़े नेता को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। भारत में यह ग्रहण सूतक काल सहित धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा। सूतक काल ग्रहण से ठीक 9 घंटे पूर्व आरंभ हो जाएगा।

राशिवार प्रभाव और उपाय 🌷
मेष ♈ – रुके कार्य पूरे होंगे, विवाद समाप्त होंगे। उपाय: सफेद वस्त्र या वस्तु का दान करें।
वृष ♉ – करियर में प्रगति, धन संबंधी समस्या दूर होगी। उपाय: सफेद मिठाई का दान।
मिथुन ♊ – स्वास्थ्य व मुकदमेबाजी में नुकसान संभव। उपाय: दूध का दान।
कर्क ♋ – शिक्षा और करियर में कठिनाई, स्थान परिवर्तन के योग। उपाय: शिव मंत्र जप।
सिंह ♌ – रोजगार व कारोबार में बाधा, निवेश टालें। उपाय: चावल का दान।
कन्या ♍ – रोगों से राहत, शत्रु परास्त होंगे। उपाय: सफेद मिठाई का दान।
तुला ♎ – करियर में बाधा, रिश्तों में तनाव। उपाय: चावल का दान।
वृश्चिक ♏ – पारिवारिक तनाव व नेत्र रोग की संभावना। उपाय: शिव मंत्र जप।
धनु ♐ – करियर में बड़ा अवसर, मनचाहा स्थानांतरण। उपाय: दूध का दान।
मकर ♑ – आर्थिक हानि व पारिवारिक समस्या। उपाय: प्रयुक्त सफेद वस्तु का दान।
कुंभ ♒ – स्वास्थ्य व रिश्तों में परेशानी। उपाय: चावल का दान।
मीन ♓ – मानसिक तनाव व दुर्घटना की संभावना। उपाय: शिव मंत्र जप।
इस चंद्र ग्रहण के अवसर पर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंत्र जप, दान-पुण्य और उपवास का विशेष महत्व बताया गया है। पंडित रमेश शर्मा ने लोगों को सतर्कता, संयम और भक्ति के साथ ग्रहण काल का पालन करने की सलाह दी है।



