सुरेश सोनी की रिपोर्ट:-
नारायणपुर। ज़िला अस्पताल नारायणपुर में मंगलवार को एक बेहद अजीबोगरीब मामला सामने आया। ओड़छा क्षेत्र के जाटलूर गाँव के एक पुरुष मरीज ने एक सप्ताह तक दर्द और तकलीफ़ झेलने के बाद अस्पताल में पहुँचकर राहत की सांस ली।
जानकारी के अनुसार, मरीज को एक हफ़्ते पहले जलन के साथ पेशाब आने, बुखार और सिरदर्द की शिकायत हुई थी। गाँव के एक झोलाछाप ने इलाज़ के बजाय मरीज को गुप्तांग में अंगूठी पहनने की सलाह दी। अंगूठी पहनने के कुछ ही दिनों बाद उसका लिंग सूज गया और अंगूठी फँस गई।
मरीज को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओड़छा ले जाया गया, लेकिन वहाँ एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण उसे ज़िला अस्पताल नारायणपुर रेफ़र नहीं किया जा सका। परेशानहाल मरीज ने आखिरकार आज 8 सितम्बर को मोटरसाइकिल से नारायणपुर पहुँचकर ओपीडी में परामर्श लिया।
ज़िला अस्पताल के डॉ. धनराज सिंह डरसेना और डॉ. शुभम राय ने मामले का परीक्षण किया। लगभग दो घंटे की कठिन मेहनत और आपसी तालमेल के बाद उन्होंने अंगूठी को काटकर मरीज को दर्द से मुक्त किया।आम जानता ने भी जिनमे मोनू देशमुख , मनोज सोनी ,कुणाल एवं धनेश यादव ने भी बखूभी साथ निभाया ।
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि ज़िला अस्पताल नारायणपुर किसी भी असामान्य और जटिल परिस्थिति में बेहतर इलाज़ देने में सक्षम है।
साथ ही, आम जनता से यह अपील की गई है कि झोलाछाप की बातों पर आँख मूँदकर भरोसा न करें, क्योंकि इससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. विनोद भोयर का संदेश:
“मैं हमारे डॉक्टरों की टीम—विशेषकर डॉ. धनराज सिंह डरसेना और डॉ. शुभम राय—को बधाई देता हूँ जिन्होंने कठिन परिस्थिति में धैर्य, सूझबूझ और परिश्रम से मरीज को राहत दिलाई। ज़िला अस्पताल नारायणपुर लगातार ऐसी ही सेवाएँ देने के लिए तत्पर है।”



