सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर : _वर्षा ऋतु और मौसम के थपेड़ों के कारण इंसान तो क्या पशु पक्षियों को भी बीमारी हो जाती है। मानव जीवन में लोगों की समस्याओं को देखने के लिए उनका इलाज करने के लिए तो अस्पताल हैं लेकिन जिन बेसहारा पशुओं को लोग अपने हाल पर छोड़ देते हैं उनके जीवन को सहारा देता एक दल नारायणपुर जिले में लगातार अपनी सेवाएं दे रहा है।
जिले में बेसहारा या घुमंतू गौ वंश जो मौसम की मार से बीमार हो जाते हैं या घायल अथवा चोटिल गौ वंश की पहचान कर तत्काल प्राथमिक उपचार गौ सेवा दल के युवा साथियों द्वारा पशु चिकित्सा अधिकारियों के सहयोग से किया जा रहा है।
नारायणपुर जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है गौ सेवा अभियान विशेषकर पशु प्रेमी और पशु पालक भी इस बात से खुश हैं कि, युवाओं के इस सेवा, सुरक्षा एवं संस्कार तथा
नि: स्वार्थ भाव से इस अभियान के लिए दिन और रात तक सेवा कार्य में लगे हुए हैं। इसी क्रम में गौ रक्षा दल द्वारा रात के समय सड़क पर चलने वाले लगभग 50 गाय_बैल को गाड़ियों के चपेट में आने से बचाने के लिए चिन्हित करते हुए उनके गले में रेडियम बेल्ट लगाया गया।
सनातन धर्म मंच ने इनके प्रति जताया आभार
इस कार्य में गौ सेवा के लिए नगर के निवासियों के द्वारा कहीं भी बीमार, चोटिल पशुओं की सूचना दी जाती है उस पर भी समय समय पर सूचना के तत्काल बाद सेवा दी जाती है।जिसके लिए सनातन धर्म मंच आप सभी साथियों का हृदय से आभार जताया।
(अध्यक्ष सनातन धर्म मंच युवा प्रकोष्ठ)
उन्होंने बताया कि, बारिश में या बीमार होने से अथवा अन्य किसी भी कारण से नगर में मृत गाय बैल का सनातन धर्म के विधि विधान के अनुसार अंतिम संस्कार जिले के गौ सेवकों के द्वारा किया जाता है। जो हिन्दू संस्कृति का अद्भुत दृश्य है।
इस विषय पर गौ सेवा दल के लोगों से बातचीत करने पर उनके द्वारा बताया गया कि, जिले भर से लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और सभी हमारे साथियों का उत्साह बढ़ाने हेतु कार्य की सराहना करते हैं। लोग हमसे जुड़ चुके हैं अब लोगों के सामने कोई भी गौ माता को उपचार की आवश्यकता होती है तो जैसे लोग बीमार व्यक्ति के लिए एंबुलेंस को फोन करते हैं वैसे ही लोग गौ सेवा दल को बुलाते हैं अभी हाल ही में एक घटना को बताते हुए
हर्ष होता है कि, यादव समाज के पूर्व युवा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष ने हमारे दल के किसी भाई को फोन पर बताया कि, एक बछड़ा नाली में गिर गया और उसे चोट लगा है कृपया उपचार की व्यवस्था करें, समय था रात के 11 बजे उनके फोन काटने के 10 मिनट के भीतर टीम पहुंच गई जिसे देखकर उनके हर्ष को देखते ही बन रहा था रात को 12 बजे तक उस गौ वंश का उपचार कर लिया गया।
इस तत्परता को केवल वही लोग समझ सकते हैं जिसमें सभी जीवों के लिए प्रेम की भावना हो।



