सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर | नारायणपुर ज़िले के बड़ेजम्हरी गांव में 17 वर्षीय एक बालक को उस समय ज़हरीले साँप ने काट लिया जब वह सुबह लगभग 7:30 बजे अपने घर के पास था, तत्पश्चात लगभग 11:30 बजे उसे जिला अस्पताल नारायणपुर लाया गया ।साँप के काटने के कुछ ही समय बाद उसकी स्थिति बेहद गंभीर हो गई — लगातार उल्टियाँ, तेज़ साँस फूलना, SpO₂ स्तर 60–65% तक गिर जाना, फेफड़ों में पानी भर जाना, आँखों का ऊपर की ओर घूमना और मुँह से झाग निकलना — यह सब मिलकर उसकी जान के लिए खतरे की घंटी बजा रहे थे।
परिवार और ग्रामीणों को उसकी जीवित बचने की कोई उम्मीद नहीं थी, मगर किस्मत ने कुछ और ही लिखा था। जिला अस्पताल नारायणपुर के आईसीयू में भर्ती इस बच्चे ने तीन दिनों तक मौत से जंग लड़ी और आखिरकार ज़िंदगी ने जीत दर्ज की।
इस कठिन केस को डॉ. हिमांशु सिन्हा , डॉ धनराज सिंह और उनकी सक्षम आईसीयू टीम ने पूरी निष्ठा और तत्परता से संभाला। टीम में हेड नर्स मनीषा सरकार के साथ नर्सिंग स्टाफ मोहिता, मंजुलता , लता, सरस्वती, बंटी, योगीनंद, दममो और दिलीप का विशेष योगदान रहा। साथ ही वार्ड बॉय फागू ने भी लगातार तीन दिनों तक मेहनत कर बच्चे की देखभाल में अहम भूमिका निभाई।
तीन दिन तक चले संघर्ष के बाद जब बच्चे ने मुस्कुराते हुए आँखें खोलीं, तो मानो अस्पताल में ज़िंदगी ने मौत पर विजय प्राप्त की हो। परिवार के लोगों ने डॉक्टरों और नर्सों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की।
सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. विनोद भोंयर ने पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा —
“हमारी टीम हर गंभीर मरीज की देखभाल पूरी जिम्मेदारी और समर्पण से करती है। पहले अस्पताल की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए थे, लेकिन ऐसे उदाहरण यह साबित करते हैं कि जिला अस्पताल नारायणपुर में आज भी मानवता और सेवा सर्वोपरि है



