अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर/कोटा। एनआईसीएल कंपनी में निवेश के विवाद ने अब संगीन रूप ले लिया है। ग्राम लिम्हा निवासी 53 वर्षीय चंदन सिंह सोरठे ने एसडीओपी कोटा को आवेदन देकर खुद और अपने परिवार की जान को गंभीर खतरा बताते हुए तत्काल सुरक्षा तथा अपराधियों पर सख़्त कार्रवाई की मांग की है।
चंदन सिंह के अनुसार—
उन्होंने कुछ वर्ष पूर्व एनआईसीएल में निवेश किया था। योजना लाभदायक प्रतीत होने पर उन्होंने अपने परिचित अशोक तिवारी को भी इससे अवगत कराया और एजेंट खुशराम साहू से उनकी मुलाकात करवायी। तिवारी ने स्वयं निर्णय लेकर निवेश किया, बांड प्राप्त किया।
बाद में कंपनी बंद हुई और मामला हाई कोर्ट में 401/2017 क्रमांक से अभी भी लंबित है।
लेकिन निवेश डूबने के बाद पूरे विवाद का ठीकरा चंदन सिंह पर फोड़ते हुए अशोक तिवारी ने कथित रूप से धमकियों का सिलसिला शुरू कर दिया।”मैं न एजेंट हूँ, न पैसा लिया…फिर भी गाली, धमकी और जबरन वसूली!” — पीड़ित
चंदन सिंह का आरोप है कि मेरी भूमिका सिर्फ पहचान करवाने की थी। न मैंने कमीशन लिया, न कभी एजेंट रहा। उसके बाद भी:
- जातिसूचक गाली-गलौज
- जान से मारने की धमकी
- घर जाकर दबाव बनाना
- ₹3 लाख वसूली की मांग
- जैसी हरकतें लगातार की जा रही हैं।
- रात में शराबी गुंडों का हमला, दरवाजे पर पत्थरबाजी
पीड़ित के अनुसार, पिछले 15 दिनों से धमकियों का जिम्मा नगपुरा निवासी शिवदीप तिवारी और उसके 4–5 साथियों ने संभाल रखा है।
रोज़ रात शराब पीकर आते हैं, गाली-गलौज करते हैं, घर का दरवाजा पीटते हैं और पत्थर मारकर आतंक का माहौल बनाते हैं।
“कहते हैं कि तीन लाख नहीं दोगे तो खेत स्टाम्प पर जबरन बिकवा देंगे।”
डर इतना बढ़ गया है कि चंदन सिंह पिछले 10 दिनों से अपना घर छोड़कर छिपकर रहने को मजबूर हैं।
परिवार में दहशत, ग्रामीणों में रोष
लगातार धमकियों और उत्पीड़न से परिवार दहशत में है। ग्रामीण स्तर पर भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
एसडीओपी को आवेदन: जान पर खतरा, तुरंत सुरक्षा की मांग
पीड़ित ने एसडीओपी कोटा से अनुरोध किया है कि—
- आरोपियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए
- परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
- प्रकरण की गहन जांच की जाए
चंदन सिंह ने कहा,
“कभी भी जानलेवा हमला हो सकता है। किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी अशोक तिवारी और शिवदीप तिवारी की होगी।



