गणेश भोय ब्यूरो चीफ जशपुर ;-
जशपुर। अंधविश्वास और टोनही प्रताड़ना के एक सनसनीखेज मामले में जशपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक पुलिस अधिकारी सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामला थाना दुलदुला क्षेत्र के ग्राम भिंजपुर का है, जहाँ एक महिला को टोनही बताकर मारपीट की गई थी।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थिया फौसी बाई (53 वर्ष) निवासी भिंजपुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 8 नवंबर की सुबह कुछ लोग उसके घर पहुंचे और उसे टोनही कहकर गालियाँ दीं, दरवाजा तोड़कर घर में घुसे तथा उसकी बाल खींचकर घसीटते हुए शमशान ले जाने की कोशिश की।
आरोपियों ने उस पर जादू-टोना कर एक महिला की मौत कराने का आरोप लगाया।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी फूलचंद भगत, जो रायपुर में सहायक उप निरीक्षक (ASI) के पद पर कार्यरत है, उसकी पत्नी सुनीता भगत की बीते अक्टूबर में बीमारी से मृत्यु हो गई थी। बाद में फूलचंद ने कुछ बैगाओं से संपर्क किया, जिन्होंने दावा किया कि वे मृतिका को “जिंदा कर सकते हैं” और फौसी बाई पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया। इसके बाद फूलचंद अपने रिश्तेदारों के साथ भिंजपुर पहुंचा और पीड़िता के साथ मारपीट की।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं —
- गायत्री भगत (30 वर्ष)
- फूलचंद भगत (55 वर्ष)
- विष्णु भगत (45 वर्ष)
- अनीता भगत (40 वर्ष)
- रमेश भगत (45 वर्ष)
- ललिता भगत (40 वर्ष)
- अंजना मिंज (35 वर्ष)
- तेलेस्फोर मिंज (50 वर्ष)
— सभी निवासी ग्राम भिंजपुर, थाना दुलदुला, जिला जशपुर।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 296, 351(2), 115(2), 333, 190, 191(2) तथा टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम की धारा 4 व 5 के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई में थाना प्रभारी कृष्ण कुमार साहू व उनकी टीम—प्रधान आरक्षक मोहन बंजारे, चंपा पैंकरा, आरक्षक अकबर चौहान, बसनाथ साहनी, विनोद राम, महिला आरक्षक सपना इंदवार और रीना केरकेट्टा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि किसी को टोनही कहना या उसके साथ दुर्व्यवहार करना गंभीर अपराध है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की है कि अंधविश्वास से दूर रहें और कानून पर विश्वास करें।
वहीं, पुलिस फरार बैगा और उसके साथियों की तलाश में जुटी हुई है, जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।



