याद राम साहू की रिपोर्ट :-
बालोद | बालोद जिला गुण्डरदेही ब्लॉक के ग्राम हल्दी से लगा हुआ मटिया बांगला निरीक्षक ग्रह स्थापित है आदमाबाद तांदुला जलाशय नहर नाली मटिया बांगला से किसानों के लिए खेतों में पानी व भिलाई स्टील प्लांट पानी की सप्लाई की जाती है जिससे लाखों रुपए की सिंचाई कर किसानों से शासन को मिलता है अंग्रेज जमाने से बने नहर पर सूचना पोर्टल था गिर चुका एवं निरीक्षक ग्रह जर्जर स्थिति में है|
जो 100 साल से ऊपर बने पुराने बिल्डिंग है व आज की स्थिति में बैठने लायक नहीं वही दो बिल्डिंग और था जो खंडहर हो चुका कर्मचारी 10 से ऊपर थे आज सिर्फ तीन कर्मचारी वर्तमान में है टेलीफोन की सुविधा जो बहुत पहले था मोबाइल आने से व बंद हो चुका पेयजल के लिए सिर्फ हैंडपंप है पीने लायक नहीं पीछे हिस्सा में बांध बना हुआ है जिससे मछली पालन के लिए लीज में दिया जाता है|
वह कुछ किसानों को पानी दिया जाता है कर्मचारियों को पूछने पर बताया यहां सुविधा के नाम से कुछ भी नहीं विद्युत की व्यवस्था नहीं कुछ दिन पहले खंडहर बिल्डिंग के अंदर कुछ अज्ञात लोगों के द्वारा खोदा गया गद्दे देखा गया जो तीन से चार फीट है नारियल, बंदन नींबू अगरबत्ती देखा गया जिसे लोगों में शंका बना हुआ है आखिर यह गड्ढा क्यों खोदा गया उच्च अधिकारी को इसकी जानकारी दे दी गई साथ ही साथ बिल्डिंग जर्जर व खंडहर की स्थिति की जानकारी दे दी गई है
मटिया बांगला के नाम से मशहूर स्थान आज लुप्त हो जा रहा है शासन प्रशासन एवं राजनीतिक दलों का इस पर नजर नहीं आज से पहले दूर से लोगों का आना जाना लगा रहता था आज पर्यटक के रूप में विकसित होने लायक पर्याप्त जगह है छायादार वृक्ष की कमी नहीं सिर्फ दृश्य को मनोरम बनाने के लिए फंड की आवश्यकता है|
जगह आकर्षण का केंद्र बन सकता है जहां पर्याप्त पानी की व्यवस्था बिल्डिंग की व्यवस्था झूला सीमेंट कारण हो तो आनंद ही आनंद दिखाई देने लगेगा आसपास की 22 गांव के किसान इस पर आश्रित है जहां बारिश के फसल इस जलाशय से उत्पादन करते हैं और किसान खुशहाल महसूस करते हैं| संबंधित विभाग से जानकारी लेने पर बताया बजट में सम्मिलित करने प्रस्ताव भेजा गया सुकृति होने पर नया भवन मिलेगा|



