सुरेश सोनी की रिपोर्ट :-
नारायणपुर | जिला नारायणपुर के समस्त चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ ने सोमवार शाम को नक्सल क्षेत्र प्रोत्साहन राशि (CRMC) के 11 माह से लंबित भुगतान के संबंध में जिला कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को सामूहिक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि नारायणपुर जिला राज्य के वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित क्षेत्रों में आता है, जहाँ कार्यरत डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ को विगत 11 महीनों से प्रोत्साहन राशि प्राप्त नहीं हुई है। प्रत्येक डॉक्टर का लगभग ₹2.5 से ₹3 लाख एवं प्रत्येक स्टाफ नर्स का लगभग ₹30,000 से ₹40,000 का भुगतान लंबित है, जिससे स्वास्थ्यकर्मियों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि पूर्व निर्धारित आंदोलन की तिथि 15 नवम्बर थी, परंतु माननीय वन मंत्री एवं विधायक केदार कश्यप जी द्वारा हाल ही में दिए गए आश्वासन के बाद आंदोलन की तिथि 30 नवम्बर तक स्थगित की गई है।
डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने कुछ दिनों पूर्व केदार कश्यप जी से मुलाकात की थी, जहाँ उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल जी, कमिश्नर, संचालक स्वास्थ्य सेवाएँ तथा MD NHM डॉ. प्रियंका जे. शुक्ला से दूरभाष पर वार्ता कर यह आश्वासन दिलवाया कि लंबित CRMC राशि का भुगतान इस माह 30 नवम्बर तक किया जाएगा।
हालाँकि, स्वास्थ्यकर्मियों ने स्पष्ट किया है कि यदि उक्त तिथि तक भुगतान नहीं होता है, तो वे 25 नवम्बर को काली पट्टी बाँधकर कार्य करेंगे, 30 नवम्बर की शाम से ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार करेंगे तथा 1 दिसम्बर से अनिश्चितकालीन सम्पूर्ण ओपीडी बहिष्कार प्रारंभ करेंगे।
ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साई, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, कमिश्नर स्वास्थ्य सेवाएँ, मिशन संचालक NHM रायपुर एवं विधायक व वन मंत्री केदार कश्यप को भी प्रेषित की गई है।
स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा कि उनका उद्देश्य शासन या जनता को असुविधा पहुँचाना नहीं है, बल्कि अपने न्यायसंगत अधिकार — नक्सल क्षेत्र प्रोत्साहन राशि (CRMC) की प्राप्ति हेतु शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना है।



