याद राम साहू की रिपोर्ट :-
सिकोसा। सिकोसा स्थित देशी शराब दुकान में संचालित आहाता यानि चखना दुकान इन दिनों सवालों के घेरे में हैं। जहां साफ सफाई का ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं ओव्हर रेट लेकर लोगों के जेब खाली करने का काम चखना दुकान संचालक द्वारा किया जा रहा है।
दरअलस राज्य सरकार ने लोगों की सुविधा के लिए हर शराब दुकान के पास आहाता खोला है। जिसके लिए बाकायदा टेंडर के माध्यम से प्रक्रिया हुई। लेकिन जिसके हाथ सिकोसा आहाता का टेंडर लगा है वह दुकान संचालित ही नही ंकर रहा है। उसने बालोद के रहने वाले किसी पंकज देवांगन नाम के युवक को किराये पर दुकान संचालन के लिए दे दिया है। लेकिन किसी दुसरे के संपत्ति को उपयोग करने के लिए किराया नामा या फिर नौकर नामा जैसी प्रक्रिया अपनाई जाती है। लेकिन सारे नियम कायदों को ताक पर रखकर आहाता का संचालन किया जा रहा है।

दोगुने, तीन गुने दामों पर बेच रहे सामान
सिकोसा स्थित अहाता में वर्तमान संचालक पंकज देवांगन की मौजूदगी में ही पूरे दिन दुकान का संचालन होता है। बगैर किसी वैध दस्तावेज के आबकारी अधिकारियों की नाक के नीचे आहाता का संचालन किया जा रहा है। दुकानों में दो रूपये मिलने वाले डिस्पोजल को तीन रूपये में बेचा जा रहा है। वहीं अन्य सामानों में भी आहाता संचालक की ओर कांटा मारकर मदिरा प्रेमियों को चूना लगाकर अधिक पैसे की वसूली की जा रही है।

गंदगी में रखा खाने का सामान
सिकोसा के आहाता में अधिकांश खाने के सामान खुले मिलेंगे। आहाता सड़क के लगा होने के कारण खुले में रखे खाने के सामान में धूल बैठ जाती है। जिसे मदिरा प्रेमियों को परोसा जाता है। वहीं चिकन की सब्जी बनाने के दौरान किसी भी तरह से सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता। वहीं मछली को एक दिन लाकर तीन दिनों तक वहां बेचे जाने की भी शिकायत है। गंदे हाथ से बार बार खाने के सामान को छुकर लोगों को बीमार बनाने का काम संचालक द्वारा किया जा रहा है। वहीं आहाता के भीतर मदिरा प्रेमियों के बैठने के स्थान पर भी गंदगी रहती है, जहां से बदबु भी आती है।

डिस्पोजल और पाॅलिथिन से पर्यावरण प्रदुषित
मिली जानकारी के अनुसार आहाता को शराब प्रेमियो को बैठकर पीने के लिए खोला गया है। लेकिन आहाता में डिस्पोजल और पानी पाउच नहीं बेचा जा सकता। बीते दिनों आबकारी विभाग के अधिकारियों की ओर से औपचारिक कार्यवाही करते हुए डिस्पोजल और पानी पाउच की बोरियों को जब्त किया गया है। लेकिन जैसे ही आबकारी विभाग के अधिकारी वहां से वापस लौटे उसके तत्काल बाद फिर से डिस्पोजल और पानी पाउच बेचना शुरू कर दिया गया। लेकिन आबकारी विभाग की ओर से अब तक किसी तरह की कठोर कार्यवाही नहीं की गई। जिससे यह प्रतित होता है कि आहाता संचालक के कहीं आबकारी विभाग के अधिकारियों की सांठगांठ तो नहीं।



