गणेश भोय ब्यूरो चीफ जशपुर:-
जशपुर। जशपुर पुलिस ने करोड़ों की ठगी करने वाली फर्जी कंपनी ‘सी बुल्स ग्लोबल सॉल्यूशन’ के मास्टरमाइंड और उसके दो सहयोगियों को ऑपरेशन “अंकुश” के तहत झारखंड से गिरफ्तार कर लिया। ये तीनों आरोपी लंबे समय से फरार थे और पुलिस इनकी तलाश कर रही थी। आरोपियों ने निवेश पर तीन गुना मुनाफे का लालच देकर ग्रामीणों से लगभग 6 करोड़ रुपये की ठगी की थी।
गिरफ्तार आरोपियों में—
- मोहम्मद सिराज आलम (38 वर्ष), निवासी रांची
- संतोष कुमार साव (34 वर्ष), निवासी चतरा
- इमरान खान (35 वर्ष), निवासी हजारीबाग शामिल हैं।
इससे पहले मामले के दो आरोपी हरिशरण देवांगन और संतोष कुमार साहू को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
कैसे रचा गया था ठगी का जाल?
प्रार्थी जागेश्वर लाल यादव ने 17 अक्टूबर 2025 को थाना पत्थलगांव में शिकायत दर्ज कराई थी। वर्ष 2023 में आरोपी संतोष कुमार साव ने कृषि प्रोडक्ट का नया प्लांट लगाने के नाम पर निवेशकों को बड़े मुनाफे का लालच देकर अपने जाल में फंसाया।
कुछ समय बाद उसने निवेशकों की मुलाकात कथित एमडी मोहम्मद सिराज आलम से करवाई, जिसने खुद को सेबी रजिस्टर्ड ट्रेडिंग कंपनी का संचालक बताते हुए रोजाना 1% रिटर्न और 10 महीनों में राशि तीन गुना करने का दावा किया।
इसके बाद कोरबा, चांपा, अंबिकापुर, घरघोड़ा और बिलासपुर में बड़े पैमाने पर मीटिंग्स कर निवेशकों से करोड़ों रुपये इकट्ठे किए गए। शुरुआती कुछ महीनों तक पैसा लौटाया गया, लेकिन बाद में कंपनी ने वेबसाइट बंद कर दी और आरोपी फरार हो गए।
शिकायत के मुताबिक प्रार्थी और उसके साथियों ने ही ऑनलाइन और नगद मिलाकर करीब 3 करोड़ रुपये निवेश किए, जबकि कुल ठगी की राशि 6 करोड़ रुपये से अधिक है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी टीम का बड़ा योगदान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पत्थलगांव थाने में आरोपियों के विरुद्ध धारा 420, 120(बी) व 34 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू हुई।
तकनीकी टीम और मुखबिरों की मदद से पुलिस को जानकारी मिली कि सिराज आलम बोकारो में और उसके साथी रांची में छिपे हुए हैं। जिस पर एक विशेष टीम झारखंड भेजी गई और तीनों आरोपियों को वहां से गिरफ्तार कर जशपुर लाया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक दस्तावेज और लैपटॉप जब्त किए हैं। जांच में खुलासा हुआ कि कंपनी किसी भी प्रकार का वास्तविक ट्रेडिंग कार्य नहीं करती थी, बल्कि निवेशकों के पैसों को ही शुरुआती महीनों में ब्याज के रूप में लौटाती थी। नए निवेशक जुड़ना बंद होने पर भुगतान बंद कर दिया गया और रकम हड़प ली गई।
आरोपियों को भेजा गया जेल
तीनों आरोपी अपराध स्वीकार करने और पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायिक रिमांड पर भेज दिए गए हैं। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
इस कार्रवाई में साइबर सेल के निरीक्षक संतलाल आयाम, उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, थाना पत्थलगांव के निरीक्षक विनीत कुमार पांडे, एएसआई लोखेश साहू और आरक्षक तुलसी रात्रे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से करोड़ों की ठगी के मामले में फरार आरोपी अब जेल पहुंच चुके हैं। पुलिस की आगे की जांच जारी है।



