अमित दुबे की रिपोर्ट:-
रतनपुर। नगर पालिका परिषद रतनपुर के वार्ड क्रमांक 2 की स्थिति इन दिनों भयावह बनी हुई है। क्षेत्र में पानी की पाइपलाइन फट जाने के कारण गंदा व बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है, जिससे वार्डवासी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। वहीं फटी पाइपलाइन से लगातार सड़क पर पानी बहने के कारण आवागमन भी बाधित हो रहा है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि लगातार शिकायतों के बावजूद पार्षद और नगर पालिका प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है।
नलों से आ रहा मटमैला और बदबूदार पानी
स्थानीय नागरिकों के अनुसार वार्ड के अधिकांश घरों में नलों से मटमैला, कीचड़युक्त और दुर्गंधयुक्त पानी आ रहा है। कई स्थानों पर पानी में कीड़े व गंदगी तक देखी गई है। मजबूरीवश लोग इसी पानी का उपयोग पीने, खाना बनाने और दैनिक कार्यों में कर रहे हैं। इससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।
फटी पाइपलाइन से सड़क पर बह रहा पानी, दुर्घटना का खतरा
वार्ड में पानी की पाइपलाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है, जिससे लगातार सड़क पर पानी बह रहा है। इसके कारण सड़क पर कीचड़ फैल गया है, फिसलन बनी हुई है और दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है। स्कूली बच्चे गिरकर घायल हो चुके हैं, वहीं दोपहिया वाहन चालकों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

तेजी से बढ़ रहा संक्रामक बीमारियों का खतरा
वार्डवासियों ने आशंका जताई है कि समय रहते यदि पानी की शुद्धता की जांच नहीं कराई गई और पाइपलाइन की मरम्मत नहीं की गई, तो डायरिया, पीलिया, टायफाइड, हैजा जैसी घातक बीमारियाँ फैल सकती हैं। कुछ घरों में पेट दर्द, उल्टी-दस्त और बुखार की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
शिकायतों के बावजूद पार्षद की चुप्पी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि उन्होंने कई बार वार्ड के पार्षद को फोन के माध्यम से और व्यक्तिगत रूप से इस गंभीर समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले, कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। पार्षद की इस उदासीनता से वार्डवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि ही जनता की समस्या को गंभीरता से नहीं लेगा, तो आम नागरिक किससे न्याय की उम्मीद करेगा।
नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
नगर पालिका के स्वास्थ्य विभाग एवं जल शाखा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सूचना मिलने के बावजूद न तो पानी की जांच कराई गई, न ही फटी पाइपलाइन की मरम्मत या सफाई का कार्य शुरू किया गया। इससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही सीधे तौर पर जनता की जान जोखिम में डाल रही है।
आंदोलन की चेतावनी, घेराव की तैयारी
आक्रोशित वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही पाइपलाइन की मरम्मत कर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे नगर पालिका कार्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन करेंगे। इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन व संबंधित पार्षद की होगी।
कलेक्टर से की गई हस्तक्षेप की मांग
अब वार्डवासियों ने जिले के कलेक्टर एवं उच्च प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि पानी की गुणवत्ता की जांच कराई जाए, फटी पाइपलाइन का शीघ्र सुधार कराया जाए तथा दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।



