अमित दुबे की रिपोर्ट ;-
रतनपुर। छत्तीसगढ़ सरयूपारी ब्राह्मण सभा की एक महत्वपूर्ण बैठक रतनपुर स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर परिसर में श्रद्धा एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ भगवान श्री परशुराम जी की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके पश्चात सभा के नवीन अध्यक्ष के निर्वाचन को लेकर विस्तृत चर्चा प्रारंभ हुई।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों से अध्यक्ष पद के लिए संभावित नामों पर विचार-विमर्श किया गया और सभी सदस्यों के मत व सुझाव सुने गए। सदस्यों के विचार जानने के पश्चात निवर्तमान अध्यक्ष बलराम पांडे द्वारा अध्यक्ष पद हेतु महंत दिव्यकांत दास शर्मा का नाम प्रस्तावित किया गया, जिसका उपाध्यक्ष अश्वनी दुबे ने समर्थन किया। इसके बाद सभा में उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से महंत दिव्यकांत जी के नाम का समर्थन करते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ सरयू पा रिन ब्राह्मण सभा का नया अध्यक्ष घोषित किया।
इस अवसर पर निवर्तमान अध्यक्ष बलराम पांडे के कार्यकाल की विशेष सराहना की गई। उल्लेखनीय है कि बलराम पांडे लगातार छह वर्षों तक ब्राह्मण सभा के अध्यक्ष रहे और उनके कार्यकाल में सभा को भवन निर्माण हेतु शासन द्वारा भूमि आवंटित कराई गई, जिसे सभा की एक बड़ी उपलब्धि माना गया। उपस्थित सदस्यों ने उनके नेतृत्व को ब्राह्मण सभा का “स्वर्णिम काल” बताते हुए उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष महंत दिव्यकांत जी ने सभा के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि वे समाज की एकता, संगठन की मजबूती एवं समाजहित के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे। उन्होंने सभी वरिष्ठ सदस्यों के मार्गदर्शन और सहयोग से ब्राह्मण समाज के उत्थान के लिए कार्य करने का संकल्प भी दोहराया।
बैठक में प्रमुख रूप से बलराम पांडे, महंत दिव्यकांत, अश्वनी दुबे, राजेंद्र मिश्रा, रविंद्र दुबे, राजेश शर्मा, संतोष शर्मा, ओमप्रकाश दुबे, रामकृष्ण तिवारी, दिनेश पांडे, एस.डी. मिश्रा, राजेंद्र दुबे, शिवानंद पांडे, रमेश शर्मा, तारकेश्वर पूरी, कृष्णकांत शर्मा, भूपचंद शुक्ला, आशीष शर्मा, रमन शर्मा, नीलू पांडे, लक्ष्मी पांडे, चंद्रकांत शर्मा, रश्मि शर्मा, रजनी शर्मा, वंदनि मिश्रा, अर्चना दुबे, रजनी दुबे, सुषमा दुबे,लता पांडे, सजनी पांडे, अजय दुबे, आनंद पाठक,,पंकज शर्मा, आकाश पाठक, आलोक तिवारी, चिरंजीवी शर्मा सहित ब्राह्मण सभा के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में समाज की एकता, समरसता और प्रगति के लिए मिल-जुलकर कार्य करने का संकल्प लेते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।



