कांसाबेल। विश्व हिन्दू परिषद जिला कांसाबेल के तमता मण्डल अंतर्गत आज एक विशाल हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन में क्षेत्र के आठों पंचायतों से बड़ी संख्या में सनातनी बंधु-भगिनी, मातृशक्ति एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य सामाजिक चेतना का विस्तार, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण एवं हिन्दू समाज को संगठित करना रहा।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि शुभाषचन्द्र अग्रवाल रहे, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में राजेश कुमार अम्बस्थ जी ने अपने ओजस्वी उद्बोधन से उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में तमता मण्डल के संयोजक भोजराज साहू , सरपंच संघ के अध्यक्ष रोशन प्रताप सिंह , मातृशक्ति का प्रतिनिधित्व करती ग्राम पंचायत तमता की सरपंच सीता बाज , विश्व हिन्दू परिषद जिला अध्यक्ष जीवन लाल बाज , जिला प्रचारक कमलेश चंद्रा , जिला कार्यवाहक हटकेश्वर महानंद , महाराज सतानंद शर्मा एवं बैजनाथ नंदे विशेष रूप से उपस्थित रहे।

मुख्य वक्ता राजेश कुमार अम्बस्थ ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में संचालित विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यक्रमों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हिन्दू समाज को जाति, वर्ग और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर एक सूत्र में बंधने की आवश्यकता है। उन्होंने सामाजिक समरसता, संस्कार, सेवा और संगठन को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए समाज को जागृत और एकजुट होने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि शुभाषचन्द्र अग्रवाल ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपरा और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का बोध होता है। उन्होंने विश्व हिन्दू परिषद के सेवा, संस्कार और संगठन के कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम का सफल मंच संचालन लक्ष्मीनारायण यादव ने किया। सम्मेलन में वक्ताओं के विचारों को उपस्थित जनसमूह ने गंभीरता से सुना और सामाजिक एकता व सांस्कृतिक संरक्षण के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित जनसमूह के प्रति आभार व्यक्त किया गया।



