अमित दुबे की रिपोर्ट:-
रतनपुर / लखराम — नववर्ष के शुभ अवसर पर ग्राम लखराम में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। 4 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक आयोजित होने जा रही श्री रामकथा एवं शिव-शक्ति महायज्ञ को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह और भक्तिमय वातावरण बन चुका है। यह भव्य आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को भी नई दिशा देगा।
आयोजन स्थल बाजार चौक, लखराम को भव्य रूप से सजाया जा रहा है। यहाँ प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से श्री रामकथा का शुभारंभ होगा। कथा वाचन का पावन दायित्व प्रसिद्ध कथावाचक स्वामी श्री आईश्वरेश्वरणंद गिरि जी महाराज (नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश) निभाएंगे, जिनकी ओजस्वी वाणी और सरल शैली देशभर में भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय है।
आयोजकों के अनुसार, श्री रामकथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन आदर्श—मर्यादा, त्याग, कर्तव्य, सेवा, सत्य और करुणा—को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं शिव-शक्ति महायज्ञ के माध्यम से शिव भक्ति, साधना और आध्यात्मिक शुद्धि का संदेश दिया जाएगा। राम भक्ति और शिव साधना का यह संयुक्त आयोजन भक्तों के मन-मस्तिष्क में शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक चेतना का संचार करेगा।
ग्राम के बुज़ुर्गों और वरिष्ठजनों का कहना है कि लंबे समय बाद लखराम में इतने व्यापक स्तर पर कोई धार्मिक-आध्यात्मिक आयोजन हो रहा है। पूरे गाँव में उत्सव जैसा माहौल है। युवा, महिलाएँ और बुज़ुर्ग सभी अपनी-अपनी भूमिका निभाने में जुटे हुए हैं—कहीं पंडाल और सजावट की तैयारी चल रही है, कहीं श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था को लेकर बैठकें हो रही हैं, तो कहीं अतिथियों और साधु-संतों के स्वागत की तैयारियाँ की जा रही हैं।
श्रद्धालुओं की भावनाएँ देखते ही बनती हैं। कई भक्त भावुक होकर कहते हैं—
“यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारे गाँव का सौभाग्य है। ऐसे आयोजनों से न केवल धर्म की रक्षा होती है, बल्कि समाज में आपसी भाईचारा और सद्भाव भी मजबूत होता है।”
आयोजक मंडल ने क्षेत्र के समस्त श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होकर श्री रामकथा श्रवण एवं शिव-शक्ति महायज्ञ में सहभागिता करने की अपील की है। उनका कहना है कि सभी के सहयोग से यह आयोजन लखराम और आसपास के क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक, स्मरणीय और प्रेरणादायी आध्यात्मिक महोत्सव सिद्ध होगा, जो समाज के जीवन में नई ऊर्जा, शांति और सद्भाव का संदेश लेकर



