अमित दुबे की रिपोर्ट :-
रतनपुर। धार्मिक एवं पौराणिक नगरी रतनपुर में 77वें गणतंत्र दिवस का पर्व पूरे हर्षोल्लास, देशभक्ति और गरिमा के साथ मनाया गया। नगर के सभी शासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा सार्वजनिक स्थलों पर तिरंगा फहराया गया और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। पूरा नगर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
सुबह से ही विभिन्न संस्थानों में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षक-कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति में राष्ट्रध्वज को सलामी दी गई। इसके पश्चात राष्ट्रगान एवं वंदे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ, जिससे वातावरण देशप्रेम से ओत-प्रोत हो गया।

शासकीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में छात्रों द्वारा देशभक्ति गीत, भाषण, कविता पाठ और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। कार्यक्रमों के माध्यम से संविधान के मूल्यों—समता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व—पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने संविधान निर्माताओं के योगदान को स्मरण करते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की याद दिलाने का दिन है। संविधान के आदर्शों को जीवन में उतारकर ही देश को सशक्त और समृद्ध बनाया जा सकता है। उन्होंने सामाजिक समरसता, अनुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया।

नगर में सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रशासनिक अमला दिनभर सक्रिय रहा। कार्यक्रमों के सफल आयोजन से नागरिकों में उत्साह और गर्व की अनुभूति दिखाई दी।
कुल मिलाकर, धार्मिक-पौराणिक नगरी रतनपुर में गणतंत्र दिवस का आयोजन गरिमामय, अनुशासित और प्रेरणादायी रहा। तिरंगे की शान, देशभक्ति के गीतों की गूंज और संविधान के प्रति सम्मान ने इस राष्ट्रीय पर्व को यादगार बना दिया।



