हरेंद्र विश्वकर्मा
विधायक ने पूछा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में क्या औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र और उचित मूल्य की दुकानों की स्थापना होनी है. विधायक ने ये भी पूछा कि वानांचल क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार की क्या कार्ययोजना है. विधायक ने इसके साथ ही वनांचल क्षेत्र में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना पर भी सवाल सदन में रखा.बीजेपी विधायक भावना बोहरा ने पूछा सवाल
विधायक ने कबीरधाम में उचित मूल्य दूकान की स्थपाना तथा जर्जर दुकानों के मरम्मत की मांग को प्रमुखता से उठाया. भावना बोहरा ने तकनीकी शिक्षा विभाग अंतर्गत ग्राम बाजार चारभाठा एवं नगर पंचायत पांडातराई में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना, सहकारिता विभाग अंतर्गत ग्राम बांगर, ढोठमानवापारा, मगरवाह सरइपतेराकला,नगर पांडातराई के नयापारा वार्ड 2 एवं ग्राम मजगांव में नवीन शासकीय उचित मूल्य दूकान खोलने एवं ग्राम बहरमुड़ा, सेन्हाभाठा, बसनी, रेंगाबोड़, पटुआ, माकरी, दनियाखुर्द एवं नवागाँवखुर्द स्थित उचित मूल्य दूकान की मरम्मत कार्य की मांग रखी.विधायक भावना बोहरा ने वन विभाग अंतर्गत वनांचल क्षेत्र कुकदूर में वन अग्नि नियंत्रण हेतु फायर वॉच टावर और फायर कंट्रोल सेन्टर की स्थापना और भैंसाओदार प्राकृतिक स्थल पर इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए इंटरप्रिटेशन सेंटर, व्यू पॉइंट और ट्रैकिंग ट्रेल, पर्यटक कॉटेज विकसित करने की मांग रखी.भावना बोहरा ने प्रश्नकाल के दौरान वनांचल एवं अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र के विषय में प्रश्न पूछा, कहा, कबीरधाम जिले के वनांचल एवं अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में संचालित ऐसे कितने आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जो जनवरी, 2026 तक पक्के भवन, पेयजल, शौचालय, बिजली तथा सुरक्षित भंडारण जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं? उन आंगनबाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा क्या समयबद्ध कार्ययोजना बना रही है इसकी जानकारी दें.विधायक ने ये भी पूछा कि विभाग द्वारा कबीरधाम जिले के दुर्गम वनांचल क्षेत्रों में संचालित ऐसे कितने आंगनबाड़ी केन्द्रों को चिन्हित किया गया है, जहां समुचित परिवहन व्यवस्था के अभाव में पोषण आहार नियमित एवं समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहा. विधायक के सवाल पर लिखित उत्तर में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा, कबीरधाम जिले के वनांचल और अनुसूचित जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों में जनवरी 2026 की स्थिति में 54 केन्द्रों में पक्के भवन, 192 केन्द्रों में शौचालय और 326 केन्द्रों में बिजली नहीं हैं, वित्तीय संसाधनों एवं बजट उपलब्धता के आधार पर आंगनबाड़ी केन्द्रो में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराई जाती है.विधायक भावना बोहरा ने प्रदेश के जिलों में रेडी टू ईट योजना के संचालन के विषय में प्रश्न किया कि वर्तमान में रेडी टू ईट योजना प्रदेश के कितने जिलों में लागू की गई है. शेष जिलों मे यह योजना कब तक लागू कर दी जाएगी ये बताया जाए. साथ ही क्या इसके लिए विभाग द्वारा समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की गई है. वर्तमान में कितने आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार देने का दायित्व महिला स्व सहायता समूहों के द्वारा किया जा रहा है.विधायक ने पूछा कि आंगनबाड़ी केन्द्रों में पोषण आहार देने का कार्य किनके द्वारा किया जा रहा है. भावना बोहरा के सवाल के जवाब में विभागीय मंत्री ने बताया कि प्रदेश के 6 जिलों में रेडी टू ईट का निर्माण और प्रदाय कार्य महिला स्व सहायता समूहों को सौंपा गया है, शेष जिलों में यह कार्य प्रारंभ किये जाने की निश्चित समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है. प्रदेश की 6673 आंगनबाड़ी केन्द्रों में महिला स्व सहायता समूह द्वारा एवं 45867 आंगनबाड़ी केन्द्रों में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड रायपुर द्वारा रेडी टू ईट बांटा जा रहा है.



