नागेश साहू
मुंगेली – मौसम के बदले मिजाज और भीषण ओलावृष्टि ने अन्नदाता के अरमानों पर पानी फेर दिया है। क्षेत्र के करही धपई पंडरभट्टा छीतापुर भरदा खलबोरवा औँराबाधा में हुई भारी ओलावृष्टि के कारण गेहूं, सरसों और दलहन की तैयार फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। खेत में बिछी सफेद ओलों की चादर को देख किसानों की आंखों में आंसू हैं।
शुक्रवार दोपहर अचानक आसमान में घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ बड़े आकार के ओले गिरने लगे। करीब 20 मिनट तक चली इस ‘आसमानी आफत’ ने खड़ी फसलों को जमीन पर सुला दिया।
कटाई के लिए तैयार गेहूं चना की बालियां ओलों की चोट से टूटकर गिर गई जिसके साथ ही किसानों के सपने भी मिट्टी में मिल गई। इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की अर्थव्यवस्था में गहरी चोट पहुंचाई है।
अब प्राकृतिक आपदा के थपेड़े खाए किसान शासन प्रशासन से मुआवजे की आस लगाए बैठे है जिससे उन्हें नुकसान फसल क्षति पूर्ति हो सके।





