जिला पंचायत सदस्य हुई उपेक्षा का शिकार, ग्रामीण क्षेत्रों मे जन चर्चा का विषय,,
बुलंद टाइम्स बालोद रिपोर्टर ब्यूरो चीफ यादराम साहू मो, 9009338660
बालोद। जिले के गुरूर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम अरमरीकला में गुरुवार (02 अप्रैल) जिला स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर रखा गया था, शिविर उस वक्त चर्चा मे आया जब स्थानीय निर्वाचित जनप्रतिनिधि जिला पंचायत सदस्य ने प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए मंच पर अपनी बात रखने का अवसर न दिए जाने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया। आम लोगों में चर्चा का विषय बन गया,जब जिला पंचायत सदस्य को मंच में अपने क्षेत्र के समस्याओं को बोलने का अवसर नही मिला,शिविर के दौरान मचे इस घमासान से प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खुल गई, वही सत्ता और संगठन के बीच तालमेल की कमी उजागर हुई है ऐसा प्रतीत हो रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, इस शिविर में विकासखंड के समस्त विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और क्षेत्र के ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत क्षेत्र क्रमांक 04 की निर्वाचित सदस्य तथा जिला पंचायत बालोद में सभापति श्रीमती लक्ष्मी साहू को क्षेत्र की समस्याओं पर बोलने का मौका नहीं दिया गया। श्रीमती साहू और वरिष्ठ समाजसेवी तथा भाजपा जिला किसान मोर्चा के कोषाध्यक्ष अशोक कुमार साहू ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में शिविर आयोजित है, वहीं की निर्वाचित जनप्रतिनिधि को जनता की आवाज उठाने से रोकना लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन है। इस घटना के बाद ब्लॉक और जिला प्रशासन की कार्यशैली को लेकर जनप्रतिनिधियों और उनके समर्थकों में भारी नाराजगी देखी गई।
ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार जन समस्याओं के त्वरित निराकरण का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर चुने हुए जन प्रतिनिधियों की आवाज दबाई जा रही है। जन समस्या निवारण शिविर सिर्फ प्राप्त आवेदन की गिनती बताना ही हो रहा है ,जब, तक जिस क्षेत्र में यह शिविर आयोजन हो रहा है वहां उस क्षेत्र का जन प्रतिनिधि अपनी और अपने क्षेत्र का समस्या इस बीच में नही रखेगी तो कहां से पता चलेगा की समस्या कहां है, जिसे पूरा करना है,वर्तमान में हुई इस उपेक्षा को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में भारी जन चर्चा का विषय बना हुआ है ,क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है, ,




