अमित दुबे की रिपोर्ट
रतनपुर।
भारत सरकार द्वारा 31 मार्च 2026 को देश को पूर्ण रूप से नक्सलवाद मुक्त घोषित किए जाने के बाद विभिन्न संगठनों द्वारा इसे ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में मनाया जा रहा है।
इसी कड़ी में रतनपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं द्वारा एक अनूठा और संदेशात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
एबीवीपी रतनपुर इकाई के नेतृत्व में ‘नक्सलवाद’ के प्रतीकात्मक अंत को दर्शाते हुए एक शव यात्रा निकाली गई।
इस आयोजन का उद्देश्य नक्सलवाद के खात्मे पर खुशी व्यक्त करना और समाज में शांति, सुरक्षा एवं विकास का संदेश देना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एबीवीपी के कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
शव यात्रा रतनपुर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली, जिसमें कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर नक्सलवाद के विरोध में नारे लगाए। इस दौरान देश में शांति स्थापना एवं विकास की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना भी की गई।
कार्यक्रम के दौरान एबीवीपी के नगर मंत्री अरविन्द चंदेल ने कहा कि नक्सलवाद ने लंबे समय तक देश के कई क्षेत्रों में भय और अस्थिरता का माहौल पैदा किया था, जिससे विकास कार्य प्रभावित होते रहे। लेकिन अब सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों की तत्परता और जनसहयोग के चलते इस समस्या का समापन संभव हुआ है।
उन्होंने इसे नए भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि अब देश तेजी से विकास, शिक्षा और रोजगार के मार्ग पर आगे बढ़ेगा। साथ ही उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं और शांति व एकता को सुदृढ़ बनाए रखें।
इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा रही और लोगों ने इसे नक्सलवाद के अंत का प्रतीकात्मक स्वागत करने का एक प्रभावी प्रयास बताया।





