बुलंद टाइम्स न्यूज़/अमित दुबे
बिलासपुर। प्रकृति और जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में कार्यरत नेचर क्लब रतनपुर ने प्रदेशवासियों से छत्तीसगढ़ की राजकीय तितली के चयन में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा तितलियों के संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनने की अपील की है। क्लब का कहना है कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध प्राकृतिक संपदा और जैव विविधता के कारण पूरे देश में विशिष्ट पहचान रखता है तथा आज भी यहां अनेक ऐसे दुर्लभ जीव-जंतु पाए जाते हैं जिनकी पूरी तरह खोज और अध्ययन होना शेष है।
नेचर क्लब के संयोजक बलराम पांडे ने बताया कि अब तक तितलियों की लगभग 137 प्रजातियों की पहचान की जा चुकी है, जिनमें से 115 से अधिक प्रजातियां छत्तीसगढ़ में पाई जाती हैं। इनमें क्रिम्सन रोज, येलो पैंसी, चॉकलेट पैंसी, कॉमन टाइगर, कॉमन जे, ब्लू पैंसी और पीकॉक रॉयल जैसी आकर्षक प्रजातियां प्रमुख हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासी अपनी पसंदीदा तितली का चयन कर राजकीय तितली चयन अभियान में भाग ले सकते हैं और तितलियों की रंग-बिरंगी दुनिया से जुड़ सकते हैं। यह पहल न केवल लोगों को प्रकृति के प्रति जागरूक करेगी, बल्कि तितलियों के संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
नेचर क्लब ने चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि बढ़ते प्रदूषण, रासायनिक कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग और प्राकृतिक आवासों के लगातार नष्ट होने के कारण तितलियों की संख्या तेजी से घट रही है। कभी घर-आंगन के फूलों पर मंडराने वाली रंग-बिरंगी तितलियां अब पहले की तुलना में बहुत कम दिखाई देती हैं। ऐसे में इनके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
नेचर क्लब के संयोजक बलराम पांडे, ओमप्रकाश दुबे, विकल जायसवाल, होरीलाल गुप्ता, राजेंद्र मिश्रा, सुखदेव कश्यप, दिनेश पांडे, राजेंद्र दुबे, ओमप्रकाश कश्यप, गेंदराम कौशिक, रामेश्वर शांडिल्य, अनिल अग्रवाल, शरद अग्रवाल एवं भारत लाल गुप्ता ने आम नागरिकों से तितलियों के प्रति संवेदनशील रहने, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने तथा राजकीय तितली चयन कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की है। उनका कहना है कि प्रकृति की इस अनमोल धरोहर को बचाना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।




