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भगवान जगन्नाथ के महा आरती में हुए शामिल।
बुलंद टाइम्स न्यूज, गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूर्व नियोजित कार्यक्रम बाधित होने के बाद भी आखिरकार दो दिन देर से हीं सही , निमंत्रण का मान रखते हुए गरियाबंद जिले के अमलीपदर पहुंचे। यहां उन्होंने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के दर्शन किए, महाआरती में शामिल हुए और धार्मिक आयोजन के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति पर भी अपनी बात रखी।

अमलीपदर की विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा महोत्सव के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने श्री मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा के दर्शन किए। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान वे भगवान जगन्नाथ की महाआरती में भी शामिल हुए।
पूर्व मुख्यमंत्री के साथ बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव, सिहाबा के विधायक अंबिका मरकाम, गुंडर देही के विधायक कुंवर सिंह निषाद और भानु प्रताप पुर के विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मांडवी भी मौजूद रहे। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। धार्मिक माहौल के बीच उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए इसे आस्था और संस्कृति का प्रतीक बताया।
दौरे के दौरान अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित युवराज पांडेय की सुरक्षा का मुद्दा भी उठा। इस विषय पर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी धार्मिक या सामाजिक व्यक्तित्व को सुरक्षा की आवश्यकता है तो सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए और आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
मीडिया से चर्चा के दौरान भूपेश बघेल ने दिल्ली के जैन जी की जीत का उल्लेख करते हुए इसे जनता का स्पष्ट संदेश बताया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस परिणाम से सबक लेना चाहिए और जनता की भावनाओं को समझते हुए अपने कार्यों की समीक्षा करनी चाहिए।
धार्मिक आयोजन में शामिल होने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का यह दौरा आस्था और राजनीति—दोनों वजहों से चर्चा में रहा। एक ओर उन्होंने भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की मौजूदा सरकार को राजनीतिक संदेश भी दिया। अब इस दौरे के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।




